Delhi SIR: एस जयशंकर-विदेश सचिव और CBI डायरेक्टर को भी SIR का नोटिस, चुनाव आयोग ने क्या कहा?

Delhi SIR: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई बड़े अफसरों को एसआईआर के तहत नोटिस जारी किया गया है, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी, विदेश सचिव और CBI के डायरेक्टर का भी नाम शामिल हैं।

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एस जयशंकर-विदेश सचिव और CBI डायरेक्टर को भी SIR का नोटिस, चुनाव आयोग ने क्या कहा? | Image: ANI/X

Delhi SIR: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) जारी है, जिसके तहत कई बड़े मौजूदा और रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस भेजा गया है। SIR प्रक्रिया के तहत एस जयशंकर और उनकी पत्नी के अलावा, विदेश सचिव, सीबीआई के डायरेक्टर प्रवीण सूद और नीति आयोग के पूर्व वाइस-चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया जैसे कई अधिकारियों को आयोग द्वारा नोटिस भेजा गया है। इस बीच नोटिस भेजे जाने को लेकर दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया कि नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि पाने वालों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर को नोटिस

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत जिन अधिकारियों को गड़बड़ी और नो मैपिंग का नोटिश भेजा गया, उसमें सबसे बड़े अधिक विदेश मंत्री एस जयशंकर का है। एस जयशंकर के अलावा, उनकी पत्नी को भी नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद को भी नोटिस भेजा गया है। SIR के दौरान दिल्ली भर में बड़ी संख्या में वोटर्स को फ़्लैग किया है, रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग 33.1 लाख वोटर्स को नोटिस मिले हैं। 

इन अधिकारियों को भी भेजा गया नोटिस

वहीं, जिन बड़े अफसरों को गड़बड़ी और नो मैपिंग के नोटिस दिए गए हैं, उनमें सेबी चेयरमैन तुहिन कांता पांडे, स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलिला, भूमि संसाधन सचिव नरेंद्र भूषण, मत्स्य पालन सचिव अभिलक्ष लिखी और उनकी पत्नी सुकृति लिखी, उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्र, JNU के पूर्व वाइस-चांसलर और पशुपालन विभाग की पूर्व सेक्रेटरी अलका उपाध्याय का नाम शामिल शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इन लोगों की मैपिंग आखिरी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के साथ नहीं हो पाई थी। इसका मतलब है कि उनके मौजूदा वोटर रिकॉर्ड को 2002 में पिछली बार हुए डिवीजन के दौरान बनी लिस्ट नहीं जोड़ा जा सका।

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चुनाव आयोग ने क्या कहा?

दिल्ली के चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) ने रविवार को साफ किया कि वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव डिवीजन (SIR) के दौरान कुछ वोटर्स को जारी किए गए नोटिस का मतलब यह नहीं है कि उनके नाम हटा दिए जाएंगे, साथ ही उन्होंने कहा कि वोटर को सुनवाई का मौका दिए बिना और सही, बोलने वाला और अपील करने लायक ऑर्डर पास किए बिना कोई भी नाम नहीं हटाया जा सकता।

CEO ऑफिस ने कहा कि जिन वोटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं, उनकी लिस्ट CEO दिल्ली, डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर्स और वोटर सेंटर्स की वेबसाइट्स पर उपलब्ध है। CEO ऑफिस ने कहा, "सभी स्टेकहोल्डर्स को बताया जाता है कि नोटिस जारी करने का मतलब यह नहीं है कि उनके नाम NCT दिल्ली के वोटर रोल से हटा दिए जाएंगे।" साथ ही, ECINET में डेटा सही करने के लिए सिस्टम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

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Published By:
 Sahitya Maurya
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