अब दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में होगा SIR, 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए तारीखों का ऐलान; चुनाव आयोग ने जारी कर दी पूरी LIST
चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस बार यह कार्यक्रम जनगणना के तहत चल रहे हाउस लिस्टिंग अभियान के साथ समन्वय बनाते हुए तैयार किया है। इस चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा।
- भारत
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पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद चुनाव आयोग एक बार फिर देशभर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के काम पर जुट गया है। आयोग ने मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी, सटीक और शुद्ध बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस अभियान के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। यह कार्यक्रम जनगणना के तहत चल रहे हाउस लिस्टिंग अभियान के साथ समन्वय बनाते हुए तैयार किया है, ताकि दोनों प्रक्रियाओं में तालमेल रहे और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से होने वाले SIR की तारीख की घोषणा कर दी गई है।
16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के लिस्ट जारी
चुनाव आयोग ने गुरुवार को जारी बयान में बताया, भारत निर्वाचन आयोग ने अनुबंध-I के अनुसार, 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संचालन का निर्देश दिया है।
इस चरण में इन राज्यों के नाम
आयोग के अनुसार, इस चरण में लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं के विवरणों का सत्यापन किया जाएगा। इसमें शामिल राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं- उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड और त्रिपुरा।
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हिमाचल प्रदेश, जम्मू और लद्दाख की तारीख तय नहीं
आयोग ने स्पष्ट किया कि तीसरे चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। इन तीन क्षेत्रों में जनगणना के दूसरे चरण तथा बर्फबारी वाले इलाकों की मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बाद में अलग से कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।
क्यों हो रहा है देश भर में SIR
बता दें कि यह अभियान मतदाता सूचियों की गुणवत्ता सुधारने की चुनाव आयोग की बड़ी पहल का हिस्सा है, जिससे फर्जी वोटरों को हटाने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने में मदद मिलेगी। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।