चुनाव आयोग ने दोगुनी की BLO की सैलरी, अब इतनी मिलेगी तनख्वाह, ERO और AERO की भी भर दी झोली

भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO) के लिए मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है। 2015 से चले आ रहे पुराने मानदेय को संशोधित करते हुए BLO का मानदेय दोगुना कर दिया है।

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Election Commission doubles BLO salary, also fills ERO and AERO pockets
चुनाव आयोग ने दोगुनी की BLO की सैलरी | Image: X

BLO salary increase : निर्वाचन आयोग ने लोकतंत्र की रीढ़ माने जाने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO) के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए आयोग ने इन मानदेय में भारी वृद्धि की घोषणा की है। यह कदम न केवल क्षेत्रीय स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों की प्रेरणा बढ़ाएगा, बल्कि मतदाता सूचियों के संशोधन और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को भी मजबूत करेगा।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह वेटन बढ़ोचरी 2015 में अंतिम संशोधन के बाद पहली बार की जा रही है। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि बीएलओ, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बूथ स्तर पर मतदाता पंजीकरण और सूची संशोधन का सीधा जिम्मा संभालते हैं, उनका आधारभूत मानदेय अब दोगुना हो गया है। इसी तरह AERO और ERO को भी अब विशेष मानदेय का लाभ मिलेगा, जो पहले शून्य था। चुनाव आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर्स का वेतन 6000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया है। BLO सुपरवाइजर्स का वेतन 12,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है।

 6,000 रुपये का विशेष प्रोत्साहन 

इसके अलावा, आयोग ने बिहार राज्य से शुरू हुई विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के तहत बीएलओ को 6,000 रुपये का विशेष प्रोत्साहन स्वीकृत किया है। यह प्रोत्साहन उन कर्मचारियों को मिलेगा जो क्षेत्रीय स्तर पर कठिन परिस्थितियों में काम करेंगे, ताकि मतदाता सूचियों में किसी प्रकार की कोई त्रुटि न रहे।

निर्वाचन आयोग के सहायक निदेशक अपूर्वा कुमार सिंह ने जारी प्रेस नोट में कहा, "यह निर्णय आयोग की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें हम क्षेत्रीय चुनावकर्मियों को उचित मुआवजा प्रदान करने के साथ-साथ सटीक मतदाता सूचियों को बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को सशक्त बनाने पर जोर देते हैं।" आयोग का मानना है कि बीएलओ और एआईआरओ जैसे पदाधिकारी चुनावी प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो सीधे मतदाताओं से जुड़े रहते हैं। इनकी मेहनत के बिना स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव की कल्पना असंभव है।

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चुनावकर्मियों की बढ़ेगी भागीदारी 

यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब देश भर में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारी जोरों पर है। बढ़े हुए मानदेय से चुनावकर्मियों की भागीदारी बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता जागरूकता अभियान अधिक प्रभावी होंगे। यह फैसला भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। निर्वाचन आयोग की यह पहल न केवल कर्मचारियों को सम्मान देगी, बल्कि लाखों मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित करेगी। आने वाले दिनों में इसकी व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।

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Published By:
 Sagar Singh
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