NEET Re-Exam 2026: चेकिंग में सेंध लगाकर अंडरगारमेंट में फोन लाई छात्रा, पुलिस ने भेजा जेल
NEET-UG 2026 के री-एग्जाम में एक छात्रा मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती नजर आई है। इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद, पुलिस अब परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और वहां ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई।
- भारत
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NEET-UG 2026 Re-Exam: जयपुर में रविवार को हुए NEET-UG 2026 के री-एग्जाम में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा में पास होने के लिए एक छात्रा ने इतनी चालाकी दिखाई कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी धोखा खा गई। छात्रा ने अपने अंडरगारमेंट में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल में एंट्री ले ली। उसका प्लान AI की मदद से सवालों के जवाब खोजने का था, लेकिन उसकी ये चालाकी काम नहीं आई और अब वह जेल में है। तो चलिए जानते हैं कि ये पूरा मामला क्या है और छात्रा ने सिक्योरिटी को कैसे चकमा दिया:
सिक्योरिटी को कैसे दिया चकमा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी कड़ी चेकिंग के बाद भी फोन अंदर कैसे गया?
दरअसल, जब छात्रा बिंदायका स्थित परीक्षा केंद्र में एंट्री ले रही थी, तो गेट पर लगे मेटल डिटेक्टर ने दो बार अलर्ट दिया। जब सुरक्षाकर्मियों ने इसका कारण पूछा, तो छात्रा ने बड़ी चालाकी से बहाना बना दिया कि यह आवाज उसके अंडरगारमेंट्स में लगे हुक की वजह से आ रही है। सुरक्षाकर्मियों ने उसकी बात मान ली और उसे अंदर जाने दिया। पूछताछ में सामने आया है कि उसने फोन को अपनी शर्ट के बटन के ठीक नीचे छिपा रखा था।
जैमर ने फेर दिया AI वाले प्लान पर पानी
परीक्षा हॉल में बैठने के बाद छात्रा ने अपना फोन निकाला और प्रश्नपत्र की फोटो भी खींच ली। उसका इरादा मोबाइल में AI का इस्तेमाल करके सही जवाब ढूंढने का था। लेकिन, परीक्षा केंद्र पर लगे 'जैमर' ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। जैमर की वजह से ना तो इंटरनेट चला और ना ही वह तस्वीरें बाहर भेज पाई।
ऐसे खुली पोल
परीक्षा देते समय हॉल में मौजूद शिक्षकों को छात्रा की हरकतें कुछ अजीब लगीं। उन्हें शक हुआ और जब उसकी जांच की गई, तो उसके पास से मोबाइल फोन मिल गया।
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पकड़े जाने के बाद सोमवार को छात्रा को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। कोर्ट से बाहर निकलते वक्त वह अपना चेहरा छिपाती नजर आई।
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि पुलिस ने उस मोबाइल फोन को फॉरेंसिक लैब (FSL) भेज दिया है। जांच रिपोर्ट से यह साफ होगा कि क्या वह सिर्फ खुद जवाब खोजना चाह रही थी, या प्रश्नपत्र की फोटो बाहर किसी बाहरी व्यक्ति को भेजने की कोशिश कर रही थी।