फर्जी बीएड कॉलेजों पर केंद्र की सख्ती, मध्य प्रदेश के 4 संस्थानों में गड़बड़ियों की जांच के लिए NCTE ने बनाई कमेटी
मध्य प्रदेश के बीएड कॉलेजों में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए NCTE ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है, जो पांच वर्किंग दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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MP BEd Colleges: नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने मध्य प्रदेश के चार B.Ed कॉलेजों में कथित अनियमितताओं के बाद एक बड़ा फैसला लिया है। NCTE के 15 जुलाई को जारी आदेश के मुताबिक, इन गड़बड़ियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की कमान सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार के पूर्व वाइस-चांसलर HCS राठौर को सौंपी गई है।
NCTE के आदेश के तहत, कमेटी को अगले 5 वर्किंग दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके साथ ही रिपोर्ट में दस्तावेजी सबूतों के अलावा वीडियो रिकॉर्डिंग और तस्वीरें भी शामिल करना अनिवार्य किया गया है। रिकॉर्ड की गई तस्वीरों और वीडियो से आरोपों की जांच होगी।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी में ये सदस्य शामिल
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी में जो सदस्य शामिल हैं उनमें UGC की जॉइट सेक्रेटरी आशिमा मंगला, शिक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी के डायरेक्टर भवगती प्रसाद कलाल, मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के डायरेक्टर जेपी सिंह, मध्य प्रदेश सरकार का एक प्रतिनिधी और NCTE के वेस्टर्न रीजनल कमेटी के डायरेक्टर विंग कमांडर विजय राणा हैं, जो जांच को पूरा करेंगे।
कॉलेजों में मिली गंभीर गड़बड़ियां
जानकारी के मुताबिक, यह कमेटी मध्य प्रदेश की बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन B.Ed कॉलेजों में गंभीर गड़बड़ियों की मीडिया रिपोर्टों के बाद बनाई गई थी। इनमें कॉलेज का बताई गई जगह पर न होना और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी बातें शामिल थीं। शुरुआती जांच में पता चला कि एक चौथा B.Ed कॉलेज भी उसी जगह से चल रहा था। इसके बाद कमेटी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए उसे भी जांच में शामिल कर लिया।
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जांच में सामने आई क्या बातें?
NCTE अधिकारियों के अनुसार, 15 जुलाई को कमेटी का गठन हुआ था। जबकि कमेटी निरीक्षण के लिए शुक्रवार यानी 17 जुलाई को मध्य प्रदेश पहुंची। NCTE के बयान में कहा गया है कि सभी कॉलेजों की फिजिकल वेरिफिकेशन की गई। शुरुआती जांच में पाया गया कि उसी परिसर में तीन कॉलेजों के अलावा भी एक और कॉलेज चल रहा था। ऐसे में अब चार निरीक्षण के लिए कॉलेजों को शामिल किया गया है।
कमेटी रिकॉर्डों का करेगी मिलान
नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह कमेटी मीडिया में आई शिकायतों की जांच करेगी। यह टीम संस्थानों के रिकॉर्ड और मौके पर मिली जानकारी का मिलान करके वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।