UGC-NET विवाद के बाद NTA में हुआ बड़ा बदलाव, एजेंसी ने 600 एक्सपर्ट्स को हटाया, नए विशेषज्ञ हुए शामिल

शिक्षा मंत्रालय ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुधार लागू किए हैं। इस बड़े बदलाव के तहत पुरानी व्यवस्था के 600 विशेषज्ञों को हटाकर एक नई, सक्षम टीम तैयार की जा रही है। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से जल्द ही 22 से 25 नए अधिकारियों को भी इस टीम में शामिल किया जाएगा।

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UGC-NET विवाद के बाद NTA में हुआ बड़ा बदलाव, एजेंसी ने 600 एक्सपर्ट्स को हटाया, नए विशेषज्ञ हुए शामिल
UGC-NET विवाद के बाद NTA में हुआ बड़ा बदलाव, एजेंसी ने 600 एक्सपर्ट्स को हटाया, नए विशेषज्ञ हुए शामिल | Image: X

एनटीए की परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक बदलावों की घोषणा की है। हाल ही में नीट-यूजी और यूजीसी-नेट जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने यह कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अधिकारियों को एक अभेद्य सुरक्षा ढांचे के तहत परीक्षाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।

एजेंसी ने 600 एक्सपर्ट्स को हटाया

परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए एनटीए की कोर टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। एजेंसी के साथ काम कर रहे 600 पुराने विशेषज्ञों को हटाकर उनके स्थान पर नए विशेषज्ञों की नियुक्ति की जा रही है। इसके साथ ही, अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर 20 से 25 नए उच्च अधिकारियों को संगठन में शामिल करने की योजना है। प्रशासनिक और तकनीकी मोर्चे पर एजेंसी को मजबूत करने के लिए मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO), मुख्य वित्त अधिकारी (CFO), मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO), महाप्रबंधक (टेस्ट सिक्योरिटी), तथा महाप्रबंधक (R&D एवं साइकोमेट्रिक्स) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की जा रही हैं।

प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार स्तरीय प्रणाली

भविष्य में किसी भी प्रकार के पेपर लीक या गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रश्नपत्रों की जांच और निगरानी हेतु एक नया 'चार स्तरीय पेपर चेकिंग सिस्टम' लागू किया जा रहा है। इस कठिन जांच प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उनके वितरण तक हर चरण में उच्च स्तरीय गोपनीयता और सटीकता बनाए रखना है।

नए परिसर में स्थानांतरण और CISF की अभेद्य सुरक्षा

NTA के बुनियादी ढांचे को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए इसके कार्यालयों को नए परिसरों में स्थानांतरित किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में एनटीए के मुख्य कार्यालय को ओखला से मिंटो रोड स्थित नए परिसर में युद्धस्तर पर शिफ्ट किया जा रहा है। नए कार्यालय की सुरक्षा का जिम्मा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की विशेषज्ञ टीमों के हाथों में होगा, ताकि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप या सूचना के लीक होने की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

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कड़े प्रोटोकॉल और पूर्व में हुई कार्रवाई

नीट विवाद के बाद जुलाई में एनटीए के 47 अधिकारियों को सेवामुक्त किया गया था। जिसके बाद अन्य कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई के साथ हटाए गए कर्मियों की कुल संख्या 50 से अधिक हो चुकी है। अब गोपनीय संचालन व्यवस्था के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं। गोपनीय कार्यों के लिए विशेष कंट्रोल रूम तैयार किए जाएंगे। कंप्यूटर प्रणालियों को इंटरनेट और बाहरी नेटवर्क से पूरी तरह काटकर अलग रखा जाएगा। कार्यलय और परीक्षा केंद्रों पर निजी मोबाइल फोन या स्टोरेज डिवाइस ले जाने पर पूरी पाबंदी रहेगी।

शिक्षा मंत्री के मुख्य निर्देश

सोमवार को आयोजित बैठक में एनटीए (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने परीक्षा सुधारों और सुरक्षा उपायों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा के उपरांत शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अधिकारियों को निम्नलिखित प्रमुख दिशा-निर्देश जारी किए। आगामी परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं और आवश्यक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया जाए। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी निर्धारित मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का बिना किसी लापरवाही के कड़ाई से पालन कराया जाए। एनटीए की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली का एक व्यापक और विस्तृत ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने परीक्षा प्रक्रिया के इस विस्तृत ऑडिट की समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द सौंपने का आदेश दिया।

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Published By:
 Aarya Pandey
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