'शिक्षा-परीक्षा और मंदिर एक-दूसरे से जुड़ा मुद्दा', गृहमंत्री से चर्चा की मांग पर अड़ा विपक्ष, अखिलेश यादव बोले- भगवान की लाठी में आवाज...

संसद के मॉनसून सत्र का 17वें दिन भी काफी हंगामेदार रहा और सदन में प्रश्नकाल नहीं हो सका। अब इस पर समाजवादी पार्टी के नेताओं का बयान सामने आया है।

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Opposition Protest in Parliament
Opposition Protest in Parliament | Image: ANI

Parliament Monsoon Session: अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के हंगामे के कारण मंगलवार को भी लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के महज 4 मिनट के भीतर ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

संसद के मॉनसून सत्र का 17वें दिन भी काफी हंगामेदार रहा और सदन में प्रश्नकाल नहीं हो सका। अब इस पर समाजवादी पार्टी के नेताओं का बयान सामने आया है। अखिलेश यादव और डिंपल यादव का कहना है कि वे दोनों मुद्दों पर बयान चाहते हैं क्योंकि दोनों ही मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

दोनों मुद्दे एक सिक्के के दो पहलू- अखिलेश 

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, 'दोनों मुद्दे एक दूसरे से जुड़े हैं। या यूं कहें कि एक सिक्के के दो पहलू हैं। इनके संगी-साथी, अंडरग्राउंड, अनरजिस्टर्ड लोग और भारतीय जनता पार्टी शिक्षा-परीक्षा और राम मंदिर दोनों एक दूसरे से जुड़े मुद्दे हैं। दोनों का सूत्र एक जगह है और दोनों एक ही जगह से संचालित होते हैं। इसलिए दोनों मुद्दों पर बहस होनी चाहिए। समय गुजारना... जो बात आज कही जा रही है वो 1 हफ्ते पहले क्यों नहीं की गई, क्योंकि वे चर्चा ही नहीं करना चाहते। चर्चा के साथ-साथ प्रभु राम का भी नाम नहीं लेना चाहते हैं। जब चंदे की बात आएगी तो सदन में हम सभी प्रभु श्री राम का नाम लेंगे। भारतीय जनता पार्टी उनका भी नाम नहीं लेना चाहते हैं। जिन लोगों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया है, याद रखें भगवान की लाठी में आवाज नहीं होती है। इनके लिए धन ही धर्म है।'

पैलेट गन मुद्द से जुड़ा सरकार का दावा गलत- डिंपल 

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, 'हम दोनों मुद्दों पर बयान चाहते हैं, लेकिन गृह मंत्री सदन में आकर बयान देने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि RTI से मिली जानकारी से पता चलता है कि कम से कम दस बच्चे पैलेट गन से घायल हुए हैं। यह सरकार के पहले के उन दावों के बिल्कुल उलट है कि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया था, जिससे साबित होता है कि वे झूठ बोल रहे थे। इसके अलावा, सरकार ने वादा किया था कि बच्चों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की जाएगी; फिर भी, अब एक 15 साल की लड़की के खिलाफ 'ज़ीरो FIR' दर्ज की जा रही है, जिसमें उसकी उम्र गलत तरीके से 25 साल बताई गई है। चंदा चोरी का बड़ा मुद्दा है इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।'

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डिंपल यादव ने उठाए सवाल

उन्होंने आगे कहा, 'हम तो कह रहे थे कि सदन में चर्चा हो। चंदा चोरी पर चर्चा हो क्योंकि यह हमारी भारतीय सभ्यता और आस्था से जुड़ा मुद्दा है। 20 तारीख को जो छात्रों के साथ जो बर्बरता बरती गई। RTI की रिपोर्ट में आया है कि लगभग 10 बच्चे पैलेट गन से जख्मी हुए हैं। जबकि सरकार ने कहा था कि पैलेट गन का कोई भी प्रयोग नहीं हुआ है। लेकिन तथ्य सामने आए हैं और सरकार बार-बार झूठ बोल रही है। हम चाहते हैं कि सरकार दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करें। आज देश में युवाओं और बच्चों की स्थिति अच्छी नहीं है। कहीं न कहीं सरकार लगातार प्राइमरी स्कूल बंद कर रही है। लगभग 20 हजार प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं। आखिरकार यह प्राइमरी स्कूल बंद क्यों है सरकार इसका जवाब दे। आखिरकार सरकार देश का पैसा कहां लगा रही है, जो हम शिक्षा प्रणाली को आज की तारीख में मजबूत नहीं कर पा रहे हैं?'

संसद परिसर में सत्ता पक्ष-विपक्ष का प्रदर्शन

बता दें कि आज संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से प्रदर्शन देखने को मिला। संसद शुरू होने से ठीक पहले एनडीए सांसदों ने परिसर में मार्च निकाला और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला। एनडीए सांसदों का कहना है कि विपक्ष जरूरी मुद्दों पर बहस के बजाय सिर्फ हंगामा कर रहा है। उन्होंने हाथों में पोस्टर लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर दिल्ली में 'जेन-जी' प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। इसके साथ ही झारखंड में सोमवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए।

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इसके बाद विपक्षी सांसद में परिसर में प्रदर्शन करने पहुंच गए। इस दौरान प्रियंका गांधी भी अखिलेश यादव के साथ नजर आईं। विपक्षी सांसदों ने हाथ में 'दूध का दूध और पानी का पानी' लिखा पोस्टर लहराया। इस दौरान 'चंदा किसने लूटा है?' इन पोस्टरों के साथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। 

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड