BIG BREAKING: लोन को लेकर RBI का बड़ा ऐलान, रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं; Loan EMI में राहत
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक बार फिर लोगों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले अप्रैल में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था।
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी समिति की बैठक खत्म हो गई। बैठक में लिए गए फैसलों का ऐलान कर दिया गया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया कि रेपो रेट में इस बार भी कोई बदलाव नहीं होगा। यह फैसले सुनते ही लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से आपके लोन की EMI में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
रिजर्व बैंक ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी है। इससे पहले अप्रैल में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था। RBI ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। रेपो रेट में बदलाव नहीं होने से लोन महंगे नहीं होगे।
रेपो रेट 5.25% पर बरकरार
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था ने ग्लोबल उथल-पुथल के इस दौर में भी खुद को मजबूत बनाए रखा है। हमारी अर्थव्यवस्था पहले के ऐसे ही दौरों की तुलना में कहीं बेहतर बुनियादी मजबूती के साथ प्रवेश किया है। हमें भरोसा है कि हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे।"
भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी मजबूत स्थिति में-RBI
उन्होंने आगे कहा, "पिछले कुछ महीनों में, ग्लोबल अर्थव्यवस्था में काफी अनिश्चितता रही है, अहम व्यापारिक रास्तों और सप्लाई चेन में रुकावटें आई हैं, बाज़ार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है और बिज़नेस को लेकर सावधानी का माहौल रहा है। मैं सबसे पहले इस बात पर ज़ोर देना चाहूँगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने ग्लोबल उथल-पुथल के इस दौर में पहले के ऐसे ही दौरों की तुलना में कहीं बेहतर बुनियादी मज़बूती के साथ प्रवेश किया है। हमें भरोसा है कि हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे।"
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लोन की EMI में नहीं होगी बढ़ोतरी
संजय मल्होत्रा ने आगे कहा कि MPC ने रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखा है। इससे Loan EMI में राहत बनी रहेगी। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव ने भारत की आर्थिक विकास की संभावनाओं पर असर डाला है। मॉनसून और खेती के पैटर्न पर अल-नीनो के असर की आशंका भी सेंट्रल बैंक के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। छह सदस्यों वाली MPC की तीन दिन की पॉलिसी मीटिंग बुधवार को शुरू हुई थी।