भारत में सुबह-सुबह कांपी धरती, लद्दाख के लेह में आया जोरदार भूकंप, जानिए कितनी रही तीव्रता
भारत में सुबह-सुबह धरती डोली है। लद्दाख में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इस भूकंप के झटके से ज्यो ही लोगों की नींद खुल गई वे सहम गए और घरों से बाहर की ओर दौड़ पड़े।
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Ladakh Earthquake: भारत में आज यानी गुरुवार सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, लद्दाख के लेह में सुबह ठीक 6 बजकर 5 मिनट पर धरती कांप उठी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई है और इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था।
सुबह के वक्त अचानक आए इस जोरदार झटके ने हर किसी को बुरी तरह डरा दिया, जिससे गहरी नींद में सो रहे लोग हड़बड़ाकर जाग गए। शुरुआत में तो किसी को कुछ समझ नहीं आया। लेकिन देखते ही देखते कुछ ही पलों में चारों तरफ अफरा-तफरी और खौफ का माहौल पैदा हो गया। इसके बाद लोग घर छोड़कर बाहर निकल गए। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
यहां क्यों आते हैं भूकंप?
लद्दाख भूकंपीय रूप से अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र में आता है, जहां हिमालयी क्षेत्र में भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की निरंतर गतिविधियों के कारण समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहते हैं। हाल ही में आए भूकंप के बाद प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है और किसी भी नए अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।
भूकंप आने पर क्या करें?
भूकंप आने पर सबसे पहले घबराना नहीं है। सरकार की आपदा टीम NDMA की तीन शब्दों की सीख को ध्यान में रखना है- झुको, ढको, पकड़ो। यानी झुको यानी नीचे बैठ जाएं या लेट जाएं। ढको यानी सिर और गर्दन को हाथों से ढक लें या फिर अगर पास में कोई मजबूत मेज हो तो उसके नीचे घुस जाएं। पकड़े यानी उस मेज को मजबूती से पकड़ लें ताकि वह हिलते-हिलते कहीं दूर न चली जाए।
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इसके अलावा अगर आपके घर में खिड़की, शीशे, टीवी और भारी अलमारी है दो उससे दूरी बनाए रखें। रसोई या बाथरूम के कोने में बैठ जाएं। दरवाजे के पास खड़े होने की गलती कतई न करें। यदि आप बाहर हैं तो खुली जगह की तरफ जाएं जैसे मैदान या पार्क। इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और दीवारों से कोसो दूर रहें।
वहीं अगर आप ड्राइव कर रहे हैं हो तो गाड़ी सड़क के किनारे रोककर अंदर ही बैठे रहें। ब्रेक लगाएं और सिर को हाथों से कवर कर लें। अगर स्कूल या ऑफिस में हैं तो टीचर या बॉस के बताए रास्ते पर चलें। इस दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल भूलकर भी न करें। सीढ़ियों से धीरे-धीरे नीचे उतरें।
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भूकंप के बाद क्या करें?
भूकंप के झटके रुकने के बाद भी एक-दो मिनट अपनी जगह पर रुके रहें। इसके बाद आराम से बाहर निकलें। फिर गैस, बिजली का स्विच और पानी की पाइप बंद कर दें। इसके अलावा अगर कहीं आग लगी हो तो पहले उसे बुझाने का प्रयास करें। अपने आसपास मौजूद लोगों पर ध्यान दें कि कहीं कोई घायल तो नहीं है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को की पहले मदद करें और उन्हें बाहर निकालें। फोन का इस्तेमाल केवल बेहद जरूरी काम के लिए ही करें, क्योंकि भूकंप के बाद लाइनें अत्यधिक व्यस्त हो जाती हैं। साथ ही रेडियो या टीवी से सरकारी जानकारी प्राप्त करते रहें।