Earthquake: फरीदाबाद में भूकंप के झटकों से कांफी धरती, घबराकर घरों से निकले लोग, रिक्टर स्केल पर इतनी रही तीव्रता

हरियाणा के फरीदाबाद में गुरुवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.9 दर्ज की गई।

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Earthquake: फरीदाबाद में भूकंप के झटकों से कांफी धरती, घबराकर घरों से निकले लोग, रिक्टर स्केल पर इतनी रही तीव्रता
Earthquake: फरीदाबाद में भूकंप के झटकों से कांफी धरती, घबराकर घरों से निकले लोग, रिक्टर स्केल पर इतनी रही तीव्रता | Image: X

त्योहारों की गहमागहमी और दीवाली की तैयारियों के बीच दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में गुरुवार की शाम को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिस वक्त लोग त्योहार की खरीदारी और तैयारियों में व्यस्त थे, उसी दौरान शाम को करीब साढ़े छह बजे अचानक जमीन में हल्की थरथराहट महसूस हुई। ।

रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता?

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 2.9 मापी गई। यह भूकंप शाम करीब 6:33 बजे दर्ज किया गया था। राहत की बात यह रही कि तीव्रता काफी कम होने के कारण कहीं से भी किसी प्रकार के माल-जाल या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं आई।

फरीदाबाद ही था भूकंप का केंद्र

NCS के आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र हरियाणा का फरीदाबाद क्षेत्र ही था। जमीन के भीतर इसकी गहराई मात्र 5 किलोमीटर दर्ज की गई। गहराई कम होने के कारण केंद्र के आसपास के इलाकों में लोगों को यह झटका स्पष्ट रूप से महसूस हुआ। हालांकि, तीव्रता कम होने की वजह से दिल्ली या आसपास के अन्य शहरों में यह झटका महसूस नहीं किया गया। फरीदाबाद में बीते कुछ समय से लगातार भूगर्भीय हलचलें देखी जा रही हैं। इससे पहले अक्टूबर महीने में भी यहां 4.0 तीव्रता का भूकंप आ चुका है। हालांकि उस वक्त भूकंप का केंद्र फरीदाबाद से 240 किलोमीटर दूर और जमीन में 73 किलोमीटर गहराई पर था।

किस जोन में आता है फरीदाबाद और क्यों है खतरा?

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के भूकंपीय वर्गीकरण के अनुसार, फरीदाबाद समेत पूरा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र जोन IV (Zone IV) के अंतर्गत आता है। जोन IV को 'उच्च क्षति जोखिम क्षेत्र' माना जाता है। इस जोन में स्थित होने के कारण यहां मध्यम से लेकर हल्के झटके बार-बार महसूस होते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हल्के झटके भले ही नुकसान न पहुंचाएं, लेकिन यह याद दिलाते हैं कि एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन की तैयारी हमेशा मजबूत रहनी चाहिए।

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(Note: यह एक ब्रेकिंग स्टोरी है। अधिक जानकारी के साथ अपडेट हो रही है)

Published By:
 Aarya Pandey
पब्लिश्ड