गहरी नींद में सो रहे थे लोग तभी हिलने लगी धरती, भारत के इस राज्‍य में महसूस किए गए भूकंप के झटके; घरों से बाहर निकले लोग

हरियाणा के सोनीपत जिले में बीती देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई। अचानक आए झटकों के कारण कई लोग नींद से जाग गए और घरों से बाहर निकल आए।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Strong earthquake
गहरी नींद में सो रहे थे लोग तभी हिलने लगी धरती, भारत के इस राज्‍य में महसूस किए गए भूकंप के झटके; घरों से बाहर निकले लोग | Image: X

हरियाणा के सोनीपत जिले में बीती देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई। अचानक आए झटकों के कारण कई लोग नींद से जाग गए और घरों से बाहर निकल आए। देर रात होने की वजह से शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि आखिर क्या हुआ। जानकारी के अनुसार, भूकंप रात 1 बजकर 47 मिनट पर आया। इसका केंद्र सोनीपत रहा। हल्के झटकों के बावजूद इसे स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

भूकंप के बाद लोगों में भय का माहौल देखा गया। हालांकि, किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। ससे पहले जुलाई में हरियाणा में 3.3 तीव्रता का भूकंप आया था जिसका केंद्र रोहतक शहर से सिर्फ 17 किमी दूर था। जुलाई में कई बार हरियाणा में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हरियाणा में आने वाले भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किए जाते हैं।

दिल्‍ली-एनसीआर में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप

दरअसल दिल्ली-एनसीआर का इलाका सिस्मिक जोन-4 में आता है, जिसे मध्यम से उच्च जोखिम वाला भूकंप क्षेत्र माना जाता है। यह क्षेत्र हिमालयी टकराव क्षेत्र से महज 250 किलोमीटर दूर है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं। इस टकराव से लगातार ऊर्जा जमा होती है, जो समय-समय पर भूकंप के झटकों के रूप में बाहर निकलती है। दिल्ली के आसपास कई सक्रिय भ्रंश रेखाएं (फॉल्ट लाइन्स) मौजूद हैं, जिनमें दिल्ली-हरिद्वार रिज, महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट, सोहना फॉल्ट और यमुना रिवर लाइनमेंट शामिल हैं।

Advertisement

इसे भी पढ़ें- गर्ल्स हॉस्‍टल में कैमरा, विदेश यात्रा का ऑफर फिर यौन शोषण...चैतन्यानंद सरस्वती के बेडरूम में ऐसे पहुंचती थी लड़कियां, FIR में खुलासा

Advertisement
Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड