'उन्होंने अपराध किया है, गिरफ्तारी होगी, हमारे पास सबूत; तस्वीरें और वीडियो सब कुछ है...', आदित्य ठाकरे पर दिशा के पिता सतीश सालियान का बड़ा दावा
दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है। 16 सितंबर को भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं के बयानों में सतीश सालियन की न्याय की कानूनी लड़ाई को राजनीति से प्रेरित और आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश के तौर पर पेश किया गया।
- भारत
- 3 min read

सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। दिशा की पिता सतीश सालियान की गुहार पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए। इसके बाद CBI ने नए सिरे से मामले की जांच शुरू की और FIR दर्ज की। इस एफआईआर में आदित्य ठाकर, सूरज पंचोली और डिनो मोरिया समेत कई नाम शामिल हैं। हालांकि आदित्य ठाकरे ने बयान दिया है कि वो दिशा सालियान को नहीं जानते और ना ही कभी उनसे मिले। लेकिन दिशा के पिता सतीश सालियान ने एक बार फिर उनका नाम लेकर उनपर निशाना साधा है।
सतीश सालियान का सनसनीखेज दावा
आदित्य ठाकरे के बयान पर दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने आज 17 सितंबर गुरुवार को कहा, "मैं पिछले चार सालों से उनका नाम ले रहा हूं। तब उन्होंने कुछ नहीं कहा था। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब वे क्यों बोल रहे हैं? उन्होंने अपराध किया है। पुलिस और सीबीआई उन्हें गिरफ्तार करके मामले को आगे बढ़ाएंगे। अब मुझे कोई चिंता नहीं है; वे जो भी करना होगा करेंगे। मैं अब इसके बारे में और नहीं सोचूंगा। सभी को उनकी संलिप्तता के बारे में पता है। वानखेड़े का बयान है और मोबाइल टावर लोकेशन डेटा सामने आया है। इसके अलावा, हमारे पास सबूत, तस्वीरें, वीडियो, सब कुछ है। सही समय आने पर सब कुछ सामने आ जाएगा।
इससे पहले दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है। 16 सितंबर को भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं के बयानों में सतीश सालियन की न्याय की कानूनी लड़ाई को राजनीति से प्रेरित और आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश के तौर पर पेश किया गया।
500 करोड़ का मानहानि का भेजा नोटिस
नोटिस में इस दावे को भी खारिज किया गया है कि CBI ने दिशा सालियन मामले की पहले जांच कर आदित्य ठाकरे को “क्लीन चिट” दी थी। इसमें 2 सितंबर के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि CBI ने इस मामले की जांच नहीं की थी।
Advertisement
आदित्य को 7 दिन की दी मोहलत
नोटिस में अनिल देशमुख के 2025 के “आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश” वाले बयान का भी उल्लेख किया गया है और आरोप लगाया गया है कि इससे सतीश सालियन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। नोटिस में सार्वजनिक माफी मांगने कथित मानहानि कारक बयानों को वापस लेने और ₹500 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की गई है। इसके लिए 7 दिन की समय सीमा दी गई है।