पिता को गैंगरेप और हत्या की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठे सवाल... दिशा सालियान केस में बुधवार को बॉम्मे हाई कोर्ट सुनाएगा फैसला
Disha Salian Case: दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने मुंबई पुलिस की जांच को पूरी तरह खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में नई और निष्पक्ष जांच के लिए याचिका दाखिल की। बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट इस मामले में सुनवाई होने वाली है।
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Disha Salian Case: दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर और सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला साल 2020 से लगातार विवादों और राजनीतिक चर्चाओं में रहा है। अगस्त 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट में हुई अहम सुनवाइयों के बाद इस मामले में कई चौंकाने वाले मोड़ आए हैं, जिसके बाद मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच पर बड़े गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
इसके बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने मुंबई पुलिस की जांच को पूरी तरह खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में नई और निष्पक्ष जांच के लिए याचिका दाखिल की। पिता सतीश सालियन की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। उन्होंने अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच, FIR और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
बुधवार, 2 सितंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट दिशा सालियान के पिता सतीश सालियन की याचिका पर फैसला सुनाएगा कि FIR होगा कि नही, आगे फिर जांच होग या आगे क्या कार्रवाई होगा। उनके द्वारा दाखिल याचिका में हत्या की आशंका जताई गई है, जिसके बाद कोर्ट के कई बड़े सवाल उठाए।
कोर्ट ने सबसे बड़ा सवाल FIR को लेकर उठाया
कोर्ट ने मुंबई पुलिस से पूछा कि जब पिता ने बेटी की मौत पर संदेह जताया और शिकायत दी, तो FIR क्यों दर्ज नहीं की गई? सिर्फ ADR यानी Accidental Death Report तक जांच क्यों सीमित रही? रिपोर्ट्स के मुताबिक, सतीश सालियान ने अपनी शिकायत में गैंगरेप और हत्या की आशंका जताई थी। कोर्ट ने इस शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल किया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी कोर्ट ने सवाल उठाए
कोर्ट ने पूछा कि अगर दिशा 14वीं मंजिल से गिरी थीं, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों का अभाव कैसे समझाया जाए। सुनवाई के दौरान रिपोर्ट्स में सामने आया कि कोर्ट ने इस बात पर सवाल किया कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद रिपोर्ट में मुख्य हड्डियों की गंभीर चोटों का उल्लेख क्यों नहीं है।
शरीर पर कपड़े न होने का मुद्दा भी उठा
सुनवाई के दौरान यह सवाल भी सामने आया कि शव पर कपड़े क्यों नहीं थे और उन्हें किसने हटाया था। हालांकि, यह कोर्ट द्वारा हत्या साबित करने वाला निष्कर्ष नहीं है, बल्कि सुनवाई के दौरान उठाया गया सवाल है। कोर्ट के सामने यह मुद्दा आया कि दिशा के परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ADR की प्रतियां काफी समय तक उपलब्ध नहीं कराई गईं।
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CCTV और गवाहों के बयान भी जांच के दायरे में आए
हालिया सुनवाई में जांच में कथित CCTV gaps और गवाहों के बयानों में विरोधाभास का मुद्दा भी सामने आया। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच को “futile” यानी निष्फल/बेअसर तक कहा और जांच में कमियों की ओर इशारा किया। कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब कुछ पहलुओं पर सवाल उठ रहे हैं, तो जांच को बंद करने का आधार क्या था। सतीश सालियन की ओर से मामले की स्वतंत्र/निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की गई है।
आदित्य ठाकरे का नाम भी याचिका के संदर्भ में आया
याचिका में आदित्य ठाकरे के खिलाफ FIR की मांग की गई है। वहीं, उनकी ओर से इसका विरोध करते हुए याचिका को राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया गया है। सुनवाई में उनके वकील की ओर से तर्क दिया गया कि दिशा के पिता को राजनीतिक विरोधियों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है।
कोर्ट के सवालों का मतलब यह नहीं है कि कोर्ट ने दिशा सालियन की हत्या या गैंगरेप को सच मान लिया है। अभी मामला जांच की कमियों और आगे जांच की जरूरत से जुड़ा है।
8 जून 2020 की रात दिशा सालियन की संदिग्ध मौत
8 जून 2020 की रात को दिशा सालियान की मुंबई के मलाड इलाके में स्थित एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। इस घटना के बाद दिशा के पिता के पिता ने मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हुए कई आरोप गए और उनका कहना है कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप और हत्या की गई थी। उन्होंने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उनसे पूछताछ की मांग की है।