हिंदुओं की रक्षा और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ धीरेंद्र शास्त्री कर रहे साधना, 5 दिन तक चलेगा अनुष्ठान

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस पांच दिवसीय साधना के मध्य में कठिन तप कर रहे हैं, वह 24 घंटे में सिर्फ एक गिलास दूध पीकर यह साधना कर रहे हैं।

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Bageshwar Dham
Bageshwar Dham | Image: Bageshwar Dham

Bageshwar Dham: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री करीब 15 दिनों की अपनी यात्राओं के बाद पुनः बागेश्वर धाम वापस आ गए हैं। उन्होंने पिछले 15 दिनों में दिल्ली में कथा की इसके बाद चेन्नई गए, फिर बेंगलुरु और महाराष्ट्र गए और फिर अब बागेश्वर धाम पर पधारे हैं। धाम पर लौटते ही वे 4 मई से 8 मई तक पांच दिवसीय श्री सन्यासी बाबा की साधना और बालाजी महाराज की पूजा अर्चना में लीन हो गए हैं।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस पांच दिवसीय साधना के मध्य में कठिन तप कर रहे हैं, वह 24 घंटे में सिर्फ एक गिलास दूध पीकर यह साधना कर रहे हैं। इस साधना के दौरान प्रतिदिन वह बालाजी सरकार और सन्यासी बाबा के स्थान पर जाकर पूजा अर्चना करते हैं, और मंत्र जाप, अनुष्ठान और हवन कर रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने भारत के हिंदुओं की रक्षा, उनको सामर्थशाली बनाने, विश्व कल्याण की भावना और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के अपने उद्देश्यों और अपने कामनाओं के साथ इस साधना को प्रारंभ किया है और धीरेंद्र शास्त्री की साधना दिन प्रतिदिन कठिन होती जा रही है।

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प्रतिदिन दिव्य दरबार लगा रहे धीरेंद्र शास्त्री

यद्यपि इस कठिन साधना के बीच में धीरेंद्र शास्त्री अपने दैनिक कार्य को भी कर रहे हैं। बागेश्वर धाम पर देश और दुनिया से लाखों श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या के बीच प्रतिदिन दिव्य दरबार भी लगा रहे हैं। देश दुनिया से आए मरीज, संकटग्रस्त लोगों से मिलकर उन्हें मार्गदर्शन भी दे रहे हैं और प्रतिदिन धाम पर चल रहे सेवा कार्यों की समीक्षा भी कर रहे हैं।

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हर गांव में सनातनी सुंदरकांड मंडल का गठन

धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में एक नए संकल्प की शुरुआत की है, जिसमें 5 मई को ही उन्होंने छतरपुर जिले के 81 गांव से आए सुंदरकांड मंडल समूहों के साथ बैठक की और विचार विमर्श किया। इस बैठक में एक नए अभियान की शुरुआत की। उन्होंने हर गांव में एक सनातनी सुंदरकांड मंडल का गठन किया है। इस टीम में गांव के सभी जाति वर्गों के, हर आयु, वर्ग के लोग रहेंगे. जो गांव के सामाजिक सौहार्द, लोगों के चरित्र निर्माण, भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के संकल्प और गांव के विकास से जुड़े संवाद पर केंद्रित रहेगी। साथ ही इस सुंदरकांड मंडल के माध्यम से गांव-गांव में भगवान बालाजी की भक्ति भी पहुंचेगी। धीरेंद्र शास्त्री की यह साधना 8 मई तक निरंतर इसी तरह चलती रहेगी। 

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Published By:
 Deepak Gupta
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