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Updated May 26th, 2024 at 17:44 IST

Delhi Fire: बेबी केयर सेंटर के नीचे चलता था बड़ा खेल? एक चिंगारी ने बुझाए कई चिराग...Inside Story

Delhi Children Hospital Fire: दिल्ली के विवेक विहार इलाके के एक बेबी केयर सेंटर में रात करीब साढ़े 11 बजे भीषण आग लगी। इसमें 7 नवजात बच्चे मर गए।

Reported by: Dalchand Kumar
delhi children hospital fire incident
दिल्ली अग्निकांड की कहानी। | Image:PTI
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Delhi Fire Incident: जब दिल्ली पहली नींद ले रही थी, विवेक विहार का चिल्ड्रन हॉस्पिटल आग में धधक रहा था। रात के तकरीबन साढ़े 11 बजे थे, जहां भागती-दौड़ती दिल्ली में ज्यादातर लोग थक हारकर सोने चले जाते हैं और कुछ तो पहली नींद भी ले लेते हैं। उसी वक्त में चिल्ड्रन हॉस्पिटल के अंदर से मासूम की चीखें निकली थीं। जिनकी आवाज दबी रह गई, ऐसे मासूम वहीं बेमौत मारे गए। जलत सिस्टम का ये स्याह सच, जिसने 7 मासूम जिंदगी को झुलसाकर काल के गाल में पहुंचा दिया। जैसे तैसे कुछ मासूम जिंदगियों को बाहर निकाला गया, तो उनमें से भी तकरीबन 5 बच्चे घायल थे। अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है।

दिल्ली के शाहदरा इलाके में विवेक विहार के एक बेबी केयर सेंटर में रात करीब-करीब साढ़े 11 बजे भीषण आग लगी। कथित रूप से ये आग एक-एक कर ऑक्सीजन सिलेंडर फटने की वजह से लगी थी। आग की लपटों को देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच जाती है। इस अग्निकांड में 7 बच्चों की जिंदगी स्वाहा हो जाती है। दिल्ली में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, लेकिन इस दर्द के साथ कुछ सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनकी जिम्मेदारी लेने वाला अभी कोई नहीं है? इन सवालों का जवाब देने वाला भी कोई नहीं है कि किसने और इसकी इजाजत पर बिल्डिंग के बेसमेंट को गैस चैंबर बना दिया था?

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गैस के गुबार पर खड़ा था बेबी केयर सेंटर?

जिस ऑक्सीजन सिलेंडर से लोगों की जान बचाई जाती है, वो ही यहां 7 जिंदगी पर भारी पड़े। क्योंकि ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट पर विस्फोट हो रहे थे। मासूमों को बचाने पहुंचे फायर ब्रिगेड रूपी देवदूत की जान भी खतरे में थी, क्योंकि सिलेंडर ब्लास्ट कर रहे थे। दिल्ली फायर सर्विसेज के निदेशक अतुल गर्ग के मुताबिक, करीब 6 ब्लास्ट हुए, जिससे फायर फाइटर को भी खतरा था। खैर, ये दूसरी बात है कि इस कठिन लड़ाई को फायर ब्रिगेड ने अपने मास्टरप्लान से काफी हद तक जीत लिया और 12 मासूमों को बाहर निकाला। अतुल गर्ग बताते हैं कि इस ऑपरेशन के लिए फायर ब्रिगेट ने 2 टीमें बनाईं, जिसमें से एक टीम ने बच्चों को निकाला और दूसरी टीम ने फायर फाइटिंग की। हालांकि बाद में 7 बच्चों की मौत हो गई।

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बेबी केयर सेंटर के नीचे चलता था बड़ा खेल?

अब ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर एक बड़ा दावा किया जा रहा है। बेबी केयर सेंटर के पास रहने वाले एक सदस्य ने चौंकाने वाला दावा किया है। चिल्ड्रन हॉस्पिटल के पड़ोस में रहने वाले बृजेश गोयल उस हादसे की कहानी बताने के साथ दावा करते हैं कि बिल्डिंग में गैस रिफिलिंग का काम होता था। बेबी केयर सेंटर के लिए अगर पांच सिलेंडर की जरूरत होती तो 50 सिलेंडर आते थे। दिन में 3 गाड़ियां ऑक्सीजन सिलेंडर की यहां पर आती थीं।

बृजेश गोयल दावा करते हैं कि यहां ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफिलिंग होती थी। छोटा सिलेंडर में रीफिलिंग की जाती थी। पड़ोसी ने बताया जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय भी एक गाड़ी आई हुई थी। उसमें भी सिलेंडर भरे जा रहे थे।

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गैस रिफिलिंग वैध थी या अवैध?

बेबी केयर सेंटर के बेसमेंट में कथित रूप से हो रही ये गैस रिफिलिंग वैध थी या अवैध, ये भी जांच का विषय है। बहरहाल, यहां एक चिंगारी ने कई परिवारों के चिराग को बुझा दिया है। 

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Published May 26th, 2024 at 16:38 IST

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