अपडेटेड 19 February 2026 at 11:00 IST

कश्‍मीर नंबर की गाड़ी, NIA अफसर का फर्जी ID कार्ड...आधी रात लाल किले के पीछे क्या कर रहा था मुदस्सिर? दिल्‍ली पुलिस ने दबोचा

दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पीछे संदिग्ध हालात में खड़ी जम्मू-कश्मीर नंबर प्लेट वाली एक कार से पुलवामा निवासी मुदस्सिर अहमद मीर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

Follow : Google News Icon  
Delhi Police Arrested Fake NIA Officer
Delhi Police Arrested Fake NIA Officer | Image: X/ANI

दिल्ली के लाल किला के पास एक बार फिर संदिग्ध हालत भी खड़ी कश्मीर नंबर की एक कार बरामद की गई है। पुलिस ने कार से पुलवामा का रहने वाला मुदस्सिर अहमद मीर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसके साथ कार में एक माइनर भी था। जब पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो मुदस्सिर ने खुद को NIA का अधिकार बता दिया, यहां तक कि उसने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) का फर्जी कार्ड भी दिखा दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और थाने लाकर पूछताछ कर रही है। 

पुलिस के बताया कि कोतवाली थाने की गश्ती टीम ने बुधवार रात लाल किले के पीछे संदिग्ध हालात में खड़ी जम्मू-कश्मीर नंबर प्लेट वाली एक काली हुंडई सैंट्रो कार को देखा। पुलिस को जब  शक हुआ तो कार की जांच करने पहुंचे। इस दौरान कार में दो लोग बैठे हुए थे।

फर्जी NIA ऑफिसर गिरफ्तार

पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो एक ने अपना नाम मुदस्सिर बताया और दूसरा एक नाबालिग लड़का है। पूछताछ में मुदस्सिर ने खुद को NIA का फील्ड ऑफिसर बताते हुए एक फर्जी पहचान पत्र दिखाया। आईडी कार्ड पर संदेह होने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। तो मुदस्सिर ने बताया कि वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला है। 

लाल किले के पास क्या कर रहा था मुदस्सिर?

कश्मीर के नौजवानों को जॉब दिलाने के नाम पर ठगी का काम करता है। दिल्ली में वो गेस्ट हाउस में रह रहा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। दिल्ली पुलिस ने जॉइंट इंट्रोगेशन करवाया जिसमे NIA, सेल और इंटेलिजेंस के अधिकारी थे, उससे ये पता चला की ये लोगों को चीट करने का काम करता था। 

Advertisement

नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जावाड़ा

दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच में आरोपी कथित तौर पर कश्मीर में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसे के बदले नौकरी दिलाने का काम करता था। उसने कथित तौर पर कार में मौजूद नाबालिग के परिवार को भी नौकरी का इंतजाम करने का भरोसा दिलाकर उसे दिल्ली ले आया था। राजधानी लाने से पहले उसने एडवांस पेमेंट भी ले लिया था। दोनों फिलहाल जामा जामा मस्जिद इलाके में एक गेस्ट हाउस में रुका था।

जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

स्पेशल सेल, इंटेलिजेंस ब्यूरो और संबंधित सेंट्रल एजेंसी की जॉइंट पूछताछ में यह कन्फर्म हुआ कि उसके पास जो आइडेंटिटी कार्ड था वो फर्जा था। पुलिस आरोपी गिरफ्तार हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल आतंकी संबंध की संभावना को लेकर पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है।

Advertisement

यह भी पढ़ें: BREAKING: शिवाजी महाराज की जयंती पर शिवनेरी किले में भीड़ हुई बेकाबू
 

Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 19 February 2026 at 10:25 IST