CJP प्रदर्शन में भड़की हिंसा पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, अलग-अलग थानों में अब तक 10 FIR दर्ज; RAF जवान पर हमले के मामले में भी केस
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा पर पुलिस ने अलग-अलग थानों में 10 FIR दर्ज की हैं। इनमें RAF जवान पर हमले और अवैध ड्रोन उड़ाने जैसे मामले शामिल हैं।
- भारत
- 2 min read

CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो मार्च' में भड़की हिंसा को लेकर पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। दिल्ली के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में CJP प्रदर्शन को लेकर अब तक कुल 10 FIR दर्ज की गई हैं। अब तक चार FIR संसद मार्ग थाना, तीन FIR कनॉट प्लेस थाना और एक-एक FIR मंदिर मार्ग थाना, बाराखंभा रोड थाना और कर्तव्य पथ थाना में दर्ज हुई है।
अलग-अलग मामलों में केस दर्ज
नई दिल्ली क्षेत्र के अति-संवेदनशील (हाई-सिक्योरिटी) इलाके में बिना इजाजत ड्रोन उड़ाने पर भी पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा, पुलिस की ओर से त्वरित कार्य बल (RAF) के जवान पर हुए बर्बर हमले और सरकारी वाहन में की गई तोड़फोड़ को लेकर भी अलग से मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में उपद्रवी RAF जवान के साथ मारपीट करते और उनकी गाड़ी पर पथराव करते साफ दिखाई दिए थे।
250 वीडियो की पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने ये सभी प्राथमिकियां अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज की हैं। फिलहाल पुलिस की विशेष जांच टीमें हर एंगल से मामले की जांच में जुटी हैं। इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए 250 से ज्यादा वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है। इनमें आम जनता के मोबाइल वीडियो, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन फुटेज और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के 'बॉडी-वर्न कैमरों' से मिली रिकॉर्डिंग शामिल हैं।
20 जुलाई को CJP के 'संसद चलो' मार्च के दौरान पथराव हिंसा में करीब 120 पुलिसकर्मी घायल हुए। कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी की। हालांकि, अब 70 प्रदर्शनकारियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। इन लोगों की गिरफ्तारी शांति भंग करने के आरोप में हुई थी।
Advertisement
CJP के दावे को किया खारिज
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने CJP के एक और आरोप को खारिज किया है। प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के दावे को नकारा गया है। पुलिस ने साफ किया कि प्रदर्शन में किसी की जान नहीं गई है। साथ ही लोगों से बिना जांच-पड़ताल के भ्रामक खबरें शेयर नहीं करने की भी अपील की है और फेक न्यूज फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।