जिस हादसे में गई वित्त मंत्रालय के अधिकारी नवजोत सिंह की जान, उसके बाद क्या बोली थी आरोपी गगनप्रीत? पति परीक्षित ने बताया

Delhi News : दिल्ली बीएमडब्ल्यू हादसा में पुलिस ने आरोपी गगनप्रीत कौर के पति से पुछताछ की है।

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Delhi BMW Accident
Delhi BMW Accident | Image: ANI/X

Delhi BMW Accident : दिल्ली के धौला कुआं इलाके में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर को हिला दिया है। BMW कार के एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारने से वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी गगनप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है, और अब पुलिस ने उनके पति परीक्षित कक्कड़ से भी पूछताछ की है।

सूत्रों के अनुसार, परीक्षित कक्कड़ मंगलवार को दिल्ली कैंट थाने पहुंचे, जहां उन्होंने जांच में सहयोग करने का फैसला किया। पूछताछ के दौरान परीक्षित ने पुलिस को बताया कि उन्हें हादसे का सटीक कारण समझ नहीं आया। उन्होंने बताया कि हादसे बाद उनकी पत्नी ने क्या कहा था। उन्होंने पुलिस को बताया- "मेरी पत्नी बोलकर चली गई कि मैं इन्हें लेकर जा रही हूं। मैंने अपने फादर इन लॉ को बता दिया कि इनका इलाज करना है। ये आ रहे हैं। फिर मैं दूसरी टैक्सी में करके चला गया।"

नवजोत चला रही थी कार

इस हादसे की मुख्य आरोपी गगनप्रीत कौर गुरुग्राम की रहने वाली हैं और वो ही BMW कार चला रही थीं। कार में उनके साथ पति परीक्षित, दो बच्चे और एक नौकरानी भी सवार थे। हादसा दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास हुआ, जहां BMW ने सड़क की रेलिंग को टक्कर मारने के बाद नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल एक बस से जा टकराई। पुलिस को शक है कि कार तेज रफ्तार में थी और गगनप्रीत ने नियंत्रण खो दिया।

दूर के अस्पताल ले जाने का आरोप

हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी दंपति नवजोत सिंह को नजदीकी अस्पताल नहीं लेकर गए, बल्कि उन्हें करीब 19-22 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित नुलाइफ अस्पताल ले जाया। आरोप है कि इस अस्पताल में सबूत नष्ट करने या मामले को दबाने के लिए ले जाया गया। नवजोत सिंह की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनके पति बेहोश थे और तत्काल इलाज की जरूरत थी, लेकिन उन्हें स्ट्रेचर पर अस्पताल के बाहर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। नजदीकी अस्पताल को नजरअंदाज करने पर पुलिस ने सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया है।

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गगनप्रीत ने पूछताछ में कहा कि वे घबरा गई थीं और उन्हें केवल वही अस्पताल याद आया, जहां कोविड-19 महामारी के दौरान उनके बच्चे भर्ती हुए थे। सोमवार को कोर्ट ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। नवजोत सिंह के परिवार ने इसे हत्या का मामला बताते हुए न्याय की मांग की है।

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Published By :
Sagar Singh
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