दिल्ली-NCR में भीषण प्रदूषण, रोजाना 30 सिगरेट पीने जितना नुकसान... SC में उठा मुद्दा तो CJI बोले- हम पुरानी परंपरा की ओर क्यों नहीं लौटते?

राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी खराब कैटेगरी में दर्ज की गई है। CPCB के डेटा के अनुसार IIT दिल्ली और रोहिणी दोनों जगहों में AQI 474 दर्ज किया गया। इसके बाद पंजाबी बाग में 465, आरके पुरम में 443, ITO में 422, फिरोज शाह रोड में 420 और इंडिया गेट में 403 दर्ज किया गया। 

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दिल्ली-NCR में प्रदूषण की मार
दिल्ली-NCR में प्रदूषण की मार | Image: ANI

राजधानी दिल्ली-NCR में नवंबर महीने की शुरुआत में ही प्रदूषण से जीना मुहाल हो गया है। दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर यानी AQI 400 के पार पहुंच गया। दिल्ली की दमघोंटू हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है। ऐसे में यह मुद्दा एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में उठा। इस पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने अपनी टिप्पणी भी की है।

सुप्रीम कोर्ट ने आज शुक्रवार 6 नवंबर को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकात की अगुवाई वाली बेंच ने एयर पॉल्यूशन पर खुद से केस की सुनवाई करते हुए कहा कि सिर्फ रोक लगाने से दिल्ली-NCR में प्रदूषण की समस्या हल नही होगी। अदालत ने त्योहारों के दौरान खासकर दिवाली के मौके पर पब्लिक अवेयरनेस और जिम्मेदारी से त्योहार मनाने की अपील की।

सीजेआई सूर्यकांत ने प्रदूषण पर क्या कहा?

सीजेआई सूर्यकांत ने सवाल उठाते हुए कहा कि हम अपने पुराने रीति रिवाजों पर वापस क्यों नहीं लौटते? उन्होंने जोर देकर कहा कि जश्न मनाने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति भी जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए। इस दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि यह मुद्दा त्योहारों के कमर्शियलाइजेशन से भी जुड़ा है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कोई रोक काम नहीं करेगी, हम जितना ऑर्डर पास करेंगे, उल्लंघन उतने ही बढ़ेंगे और प्रदूषण के बारे में व्यवहार में बदलाव जरूरी है, साथ ही इस पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है।

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‘आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर दोष मढ़ना गलत’

सीजेआई ने प्रदूषण की समस्या के लिए आर्थिक रूप से कमजोर यानी गरीब लोगों को दोष देने के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा कि दिवाली उन लोगों के लिए एक अहम समय है, जो अपनी जीविका के लिए मौसमी काम और त्योहारों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि गरीब लोग कोई प्रदूषण नहीं फैलाते, वे खुद पीड़ित हैं। बल्कि वो लोग ज्यादा जिम्मेदार हैं जो ऐसा करने में सक्षम हैं।

सुनवाई के दौरान एक सीनियर एडवोकेट ने कहा कि हम गंभीर प्रदूषण के शिकार हो रहे हैं। प्रदूषण के कारण आवाज भी खराब हो रही है। ये हमें इतना नुकसान पहुंचा रहा है मानो हम 30 सिगरेट रोजाना पी रहे हैं।

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दिल्ली के किस इलाके में कितना प्रदूषण 

बता दें कि पिछले 15 दिनों से दिल्ली-NCR भीषण प्रदूषण का शिकार है। यहां की हवा में मानो जहर घुली हुई है। ऐसे में दिल्ली-NCR में पहले ही GRAP-1 और GRAP-2 लागू है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार शुक्रवार को पूरे शहर का एयर क्वालिटी इंटेक्स (AQI) 389 रिकॉर्ड किया गया, जिसे वेरी पुअर कैटेगरी में रखा गया है।

राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी खराब कैटेगरी में दर्ज की गई है। CPCB के डेटा के अनुसार IIT दिल्ली और रोहिणी दोनों में AQI 474 दर्ज किया गया। इसके बाद पंजाबी बाग में 465, आरके पुरम में 443, ITO में 422, फिरोज शाह रोड में 420 और इंडिया गेट में 403 दर्ज किया गया। 
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Published By:
 Sujeet Kumar
पब्लिश्ड