Delhi: सत्येंद्र जैन को बड़ा झटका, मनी लॉन्ड्रिग मामले में ED का एक्शन; 7.44 करोड़ की प्रॉपर्टी की अटैच

Satyendra Jain: सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली सरकार में मंत्री रहते आय से अधिक संपत्ति मामले में सत्येंद्र जैन के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की। सीबीआई की इस चार्जशीट के बाद अब ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है और सत्येंद्र जैन से जुड़ी 7.44 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच किया है। बताया जा रहा है कि अब तक इस मामले में कुल 12.25 करोड़ की संपत्ति को अटैच किया जा चुका है।

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Satyendra Jain
Satyendra Jain | Image: Satyendra Jain/X

Satyendra Jain: दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन की मुसीबत एक बार फिर से बढ़ती हुई दिख रही है। उन्हें बड़ा झटका लगा है। मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

जानकारी के मुताबिक, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम(PMLA) 2002 के प्रावधानों के तहत सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने सत्येंद्र जैन से जुड़ी कंपनियों की 7.44 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को अटैच कर ली है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...


जानें क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने 31 मार्च 2022 को पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैल किया था। जांच एजेंसी ने जुलाई 2022 में कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (PC) दायर की। वहीं, कोर्ट ने इस पीसी को 29 जुलाई 2022 को संज्ञान में लिया था। अपनी जांच के दौरान ईडी ने खुलासा किया था कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद, सत्येंद्र जैन के नजदीकी सहयोगी वैभव जैन और अंकुश जैन ने इनकम डिस्क्लोजर स्कीम (IDS) के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा की भोगल शाखा में एडवांस टैक्स के रूप में 7.44 करोड़ रुपये नकद जमा किए थे।

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आईडीएस के तहत, उन्होंने 2011-2016 के बीच पर्यस इन्फोसॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड के खातों में मिले 16.53 करोड़ रुपये की आय/संपत्ति का लाभकारी स्वामित्व होने का दावा किया था, जबकि ये कंपनियां सत्येंद्र जैन के स्वामित्व और नियंत्रण में थीं।

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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी सत्येंद्र जैन की याचिकाएं

वहीं, इनकम टैक्स विभाग और दिल्ली हाई कोर्ट ने वैभव जैन और अंकुश जैन को सत्येंद्र जैन के लिए बेनामी संपत्ति धारक माना था। मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में देश के शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की विशेष अनुमति याचिकाओं और पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया था। जांच एजेंसी ईडी ने इसके बारे में सीबीआई के साथ पीएमएलए 2002 की धारा 66 (2) के तहत जानकारी शेयर की। उसके बाद सीबीआई ने इस जानकारी के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाया।

सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली सरकार में मंत्री रहते आय से अधिक संपत्ति मामले में सत्येंद्र जैन के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की। सीबीआई की इस चार्जशीट के बाद अब ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है और सत्येंद्र जैन से जुड़ी 7.44 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच किया है। बताया जा रहा है कि अब तक इस मामले में कुल 12.25 करोड़ की संपत्ति को अटैच किया जा चुका है। 

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Published By:
 Amit Dubey
पब्लिश्ड