दिल्ली में प्रदूषण पर भारी बवाल! 'जहरीली हवा' के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, इंडिया गेट से हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारी
राजधानी दिल्ली में लगभग एक महीने से प्रदूषण की स्थिति खतरनाक है। दिल्ली की हवा में 'जहर' का स्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को दिल्ली में कई जगह पर एक्यूआई रेड जोन में पहुंच गया।
- भारत
- 3 min read

राजधानी दिल्ली में लगभग एक महीने से प्रदूषण की स्थिति खतरनाक है। दिल्ली की हवा में 'जहर' का स्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को दिल्ली में कई जगह पर एक्यूआई रेड जोन में पहुंच गया। वहीं हालात ऐसे हैं कि अब लोगों को प्रदूषण को लेकर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। रविवार (9 नवंबर) को कुछ लोगों ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हुए।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि दिल्ली में पॉल्यूशन गंभीर और खतरनाक लेवल पर पहुंच गया हैं, लेकिन GRAP के उपाय लागू नहीं किए गए हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इंडिया गेट प्रदर्शन स्थल नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राजधानी में प्रदर्शन के लिए केवल जंतर मंतर को अधिकृत स्थान के रूप में तय किया गया है। इसलिए पुलिस ने लोगों को जंतर मंतर की ओर जाने के लिए कहा और नियमों का उल्लंघन करने वाले कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
AAP नेता ने दिल्ली सरकार पर बोला हमला
प्रदर्शन में शामिल आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि “बीजेपी ने AQI मॉनिटर पर पानी छिड़कवाकर आंकड़े कम दिखाने की कोशिश की। बीजेपी आंकड़ों में हेराफेरी कर रही है। इससे उनकी विश्वसनीयता और ईमानदारी पर सवाल उठता है। यहां तो बीजेपी के लोगों को भी होना चाहिए था, लेकिन वे घरों में एयर प्यूरीफायर लगाकर बैठे हैं। बीजेपी को समझना चाहिए कि हवा और पानी राजनीति का मुद्दा नहीं है, बल्कि जीवन और मौत का सवाल है।”
राजधानी में बिगड़ी हवा की हालत
Advertisement
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में AQI 420 से ऊपर दर्ज किया गया। आनंद विहार, रोहिणी, द्वारका और आईटीओ में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में रही। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्तर का प्रदूषण सांस, हृदय और आंखों से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा सकता है। पर्यावरण विभाग ने स्थिति पर नजर रखने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण को लागू किया है। निर्माण गतिविधियों पर रोक और डीजल वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। वहीं, स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है।