आवारा कुत्तों पर SC के आदेश को लागू करने में जुटी रेखा गुप्ता सरकार, बुलाई मीटिंग; मेनका गांधी ने फैसले पर क्यों उठाए सवाल?

Stray Dogs in Delhi: आवारा कुत्तों को दिल्ली-NCR की सड़कों से हटाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध शुरू हो गया। डॉग लवर्स ने इंडिया गेट के बाहर प्रोटेस्ट किया, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं, रेखा गुप्ता सरकार इस आदेश को लागू करने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर रही है। इस बीच मेनका गांधी ने भी फैसले पर सवाल उठा दिए।

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supreme court decision on stray dogs
दिल्ली की सड़कों से हटेंगे आवारा कुत्ते | Image: ANI

Supreme Court decision on Stray Dogs: दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों को लेकर 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट का एक बड़ा फैसला आया। कोर्ट ने सभी लावारिस कुत्तों को 8 हफ्तों के अंदर पकड़कर डॉग शेल्टर होम भेजने का आदेश दिया है। पशु प्रेमियों के कोर्ट के इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे एनिमल राइट एक्टिविस्ट्स, रेस्क्यूअर्स, केयरगीवर्स और डॉग लवर्स को हिरासत में ले लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने बीते महीने कुत्तों के काटने से रेबीज होने की घटनाओं को लेकर मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया था। कोर्ट ने दिल्ली-NCR के सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर डॉग शेल्टर्स में रखने का आदेश दिया। यह भी सख्त तौर पर यह भी कहा कि आवारा कुत्तों को वापस सड़कों पर न छोड़ा जाए। कोर्ट ने ये चेतावनी दी कि इस अभियान में बाधा डालने वालों पर अवमानना की कार्रवाई होगी।

इंडिया गेट के बाहर हुआ प्रदर्शन

देश की सर्वोच्च अदालत के इस फैसला का विरोध शुरू हो गया है। पशु प्रेमी सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। मंगलवार (11 अगस्त) रात इंडिया गेट के बाहर फैसले के विरोध में प्रोटेस्ट कर रहे कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। कुत्तों की देखभाल करने वाली एक महिला ने इस पर कहा, "वे नहीं चाहते कि हम बात करें... मुझे हिरासत में लिया जा रहा है क्योंकि मैं जानवरों को खाना खिलाने का नेक काम करती हूं।"

'कुत्तों को दिल्ली के बाहर फेंक देंगे'

दूसरी महिला ने कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हमें विरोध करने की अनुमति नहीं दी जा रही है... हम चाहते हैं कि कुत्तों को रक्षा हो। इनके पास इतने सारे कुत्तों को रखने के लिए कोई शेल्टर होम नहीं है। अंत में वे सभी कुत्तों को दिल्ली के बाहर फेंक देंगे, जहां वे मर जाएंगे।"

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CM रेखा गुप्ता क्या बोलीं?

सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों को लेकर इस फैसले पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग इस मुद्दे पर काफी समय से परेशान थे। यह समस्या विकराल रूप ले चुकी थी और अब दिल्ली के सामने खड़ी है। ऐसे में इसका समाधान बेहद जरूरी है। हम इस मुद्दे पर एक उचित योजना तैयार करेंगे।

वहीं, इस मामले पर आज (12 अगस्त) रेखा गुप्ता सरकार की एक अहम बैठक भी होने जा रही हैं। इस बैठक में सीएम रेखा गुप्ता के अलावा मंत्री कपिल शर्मा समेत कई अन्य मंत्री भी शामिल होंगे।

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PETA ने फैसले पर उठाए सवाल

SC के आदेश पर PETA ने नाराजगी जताई। पेटा इंडिया के एडवोकेसी एसोसिएट शौर्य अग्रवाल ने कहा, "दिल्ली में 10 लाख कुत्ते हैं। उन्हें शेल्टर होम में रखना अव्यावहारिक है। यह बहुत मुश्किल है। इससे अराजकता और समस्याएं पैदा होंगी। कुत्तों को हटाना अमानवीय है, अपने आप में क्रूरता है और शेल्टर होम के अंदर की स्थिति बहुत खराब होने वाली है। हम अपने सभी कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं। पहले हम दिल्ली सरकार से मिले हैं और उनसे एबीसी नियमों और शहर में नसबंदी कार्यक्रमों को ठीक से लागू करने का आग्रह किया है।"

गुस्से में आकर दिया अजीबोगरीब फैसला- मेनका गांधी

इसके अलावा पशु अधिकार कार्यकर्ता और BJP नेता मेनका गांधी भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ खड़ी नजर आईं। उन्होंने कहा कि यह आदेश लागू नहीं हो सकता। यह किसी गुस्से में आकर दिया गया एक अजीबोगरीब फैसला है। गुस्से में लिए गए फैसले कभी समझदारी भरे नहीं होते।"

उन्होंने कहा, "दिल्ली में एक भी सरकारी शेल्टर होम नहीं है। आप कितने शेल्टर होम में 3 लाख कुत्ते रखेंगे? आपके पास एक भी नहीं है। इन शेल्टर होम को बनाने के लिए आपको कम से कम 15 हजार करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। आपको उन जगहों पर 3000  शेल्टर होम ढूंढ़ने होंगे जहां कोई नहीं रहता। आप इतनी सारी जगहें कैसे ढूंढ़ेंगे? यह दो महीने में नहीं हो सकता। आपको डेढ़ लाख लोगों को सिर्फ सफाई कर्मचारी के तौर पर नियुक्त करना होगा, जिस पर भी करोड़ों रुपये खर्च होंगे।"

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड