अपडेटेड 11 November 2025 at 16:43 IST
सबसे अहम सवाल, Delhi Blast से पहले तीन घंटों तक कहां था आतंकी उमर? जांच के तीन बड़े पहलू
सबसे अहम सवाल एक ये है कि धमाके से पहले तीन घंटों तक डॉक्टर उमर कहां था? उमर गाड़ी लेकर दोपहर करीब 3 बजकर 19 मिनट पर पार्किंग में पहुंच गया था। यहां करीब 3 घंटों तक गाड़ी खड़ी रही, फिर शाम करीब 6 बजकर 22 मिनट पर उमर गाड़ी लेकर वहां से निकल गया और करीब 4 मिनट बाद ही धमाका हो गया।
- भारत
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Delhi Blast News : सोमवार की शाम दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का कनेक्शन सामने आया। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर शाहीना का मसूद अजहर से लिंक मिला है। इस मामले की जांच अब National Investigation Agency (NIA) कर रही है। खबर है कि राष्ट्रपति ने भी गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली धमाके की जानकारी ली है। धमाके को लेकर गृह मंत्रालय में दो बैठक हो चुकी हैं। अमित शाह की अध्यक्षता में हुई दूसरी बैठक में NIA डीजी और गृह सचिव समेत अन्य बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
लाल किले के पास कार ब्लास्ट में सुरक्षा एजेंसियों की जांच अब कुछ खास प्वाइंट्स के इर्दगिर्द चल रही है। भीड़-भाड़ वाले इलाके में धमाका होने से पहले संदिग्ध आतंकी और उसके टेरर रूट को लेकर कुछ अहम प्वाइंटस हैं। जिनकी तफ्तीश के बाद ही धमाके की असली कहानी सामने आ सकती है। धमाके की एक-एक कड़ियों को अधिकारी जोड़ रहे हैं।
3 घंटों तक कहां था उमर?
इसमें सबसे अहम सवाल एक ये है कि धमाके से पहले तीन घंटों तक श्रीनगर का रहने वाला डॉक्टर उमर कहां था? दरअसल, आतंकी उमर, हरियाणा से सुबह करीब 8 बजे ही दिल्ली में दाखिल हो गया था। दिल्ली की सड़कों पर इधर-उधर घूमने के बाद उमर गाड़ी लेकर दोपहर करीब 3 बजकर 19 मिनट पर पार्किंग में पहुंच गया था। यहां करीब 3 घंटों तक गाड़ी खड़ी रही, फिर शाम करीब 6 बजकर 22 मिनट पर उमर गाड़ी लेकर वहां से निकल गया और करीब 4 मिनट बाद ही धमाका हो गया।
जांच में 3 घंटे अहम
अब सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि गाड़ी पार्किंग खड़ी करने के 3 घंटे बाद तक डॉक्टर उमर कहां था? ये तीन घंटे इस धमाके की जांच में सबसे अहम साबित हो सकते हैं। सवाल है कि धमाके से पहले उसने किस-किससे संपर्क या मुलाकात की? क्या तीन घंटे तक वह टारगेट की रेकी कर रहा था? क्या वह किसी स्लीपर सेल या लॉजिस्टिक सपोर्ट का इंतजार कर रहा था? क्या वह लाल किले जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में पीक आवर की भीड़ बढ़ने का इंतजार कर रहा है?
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धमाके से पहले कार कहां-कहां गई?
- सुबह 08:04 बजे- कार बदरपुर टोल बूथ से होते हुए दिल्ली में दाखिल हुई।
- सुबह 08:20 बजे- कार ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के पास एक पेट्रोल पंप पर देखी गई।
- दोपहर 3:19 बजे- कार लाल किला के पास स्थित पार्किंग एरिया में एंट्री की।
- कार को दरियागंज- कश्मीरी गेट और सुनेहरी मस्जिद के आसपास भी देखा गया।
- शाम लगभग 6:00 बजे- कार लाल किला पार्किंग एरिया से बाहर निकलती हुई देखी गई
- शाम 6:48 मिनट पर कार पार्किंग से बाहर निकली। इसके चार मिनट बाद ही धमाका हो गया।
अल फलाह यूनिवर्सिटी की भूमिका
डॉक्टर टेरर मॉड्यूल का सबसे बड़ा कनेक्शन फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी (Al Falah University) ही है। इसी यूनिवर्सिटी में डॉक्टर मुजम्मिल, डॉ उमर नबी और डॉ शाहीन काम करते थे। अब यूनिवर्सिटी कैंपस भी सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर है। फरीदाबाद पुलिस ने यूनिवर्सिटी में डॉ. मुजम्मिल के साथ काम करने वाले छात्रों, प्रिंसिपल और फैकल्टी सदस्यों समेत 52 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे आतंकी मॉड्यूल के बारे में पूछताछ कर रही है।
जांच हो रही है कि क्या अल फलाह यूनिवर्सिटी में गैंग के और सदस्य भी हैं? क्या यूनिवर्सिटी कैंपस के आसपास टेरर मॉड्यूल का स्लीपर सेल मौजूद हैं? सवाल है कि यूनिवर्सिटी के आसपास ही हजारों किलो विस्फोटक क्यों छिपाया गया था और क्या अलग-अलग समय पर विस्फोटकों की खेप पहुंचाई गई? जिस टेलीग्राम ग्रुप से ये लोग जुड़े हुए थे उसके दूसरे मेंबर कौन-कौन है?
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धमाके में कौन सा केमिकल?
इस केस के जांच में तीसरा पहलू है कि धमाके में किस तरह का विस्फोटक इस्तेमाल हुआ। दरअसल, दिल्ली में अबतक जितने भी बम धमाके देखे गए उसमें विस्फोटक भले ही कोई भी हो, लेकिन ब्लंट ऑब्जेक्ट जैसे कील, बॉल बेयरिंग, ब्लेड और कांच जैसी धारदार चीजों का इस्तेमाल किया जाता था। जिससे इंपैक्ट बहुत ज्यादा और दूर तक हो, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ, मौके पर पुलिस को किसी भी तरह का कोई भी ब्लंट ऑब्जेक्ट नहीं मिला। इसके बाद सवाल उठा रहा है कि आखिरकार ब्लास्ट का इतना खतरनाक इंपैक्ट कैसे हुआ? जबकि सड़क पर कहीं कोई गड्ढा भी नहीं बना। धमाके की चपेट में आकर कई गाड़ियां तबाह हो गईं,बल्कि लोगों को अपनी जान भी गवानी पड़ी। मतलब यह कोई ऐसा विस्फोटक था, जिसने बिना निशाना छोड़े, भयानक नुकसान किया है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 11 November 2025 at 16:43 IST