अपडेटेड 3 October 2024 at 10:32 IST
Delhi: कार शोरूम फायरिंग मामले में मास्टरमाइंड के बाद शूटर भी गिरफ्तार, दो और साथियों की तलाश जारी
नारायणा के एक कार शोरूम में घुसकर तीन बदमाशों ने फायरिंग की थीं। मामले में मास्टरमाइंड दीपक और मुख्य शूटर अरमान की गिरफ्तारी हो गई है।
- भारत
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जितिन शर्मा
Delhi Naraina car showroom Firing Incident: दिल्ली के नारायाणा में कार शोरूम फायरिंग मामले में दिल्ली पुलिस को दो बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नारायण फायरिंग मामले में दिल्ली की दो बड़ी एजेंसी ने कार्रवाई की। इस दौरान शोरूम में फायरिंग करने वाला एक शूटर स्पेशल सेल के साथ एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार हुआ। इससे पहले क्राइम ब्रांच ने मास्टरमाइंड दीपक को भी मामले में अरेस्ट कर लिया।
घटना 27 सितंबर की है। नारायणा के एक कार शोरूम में घुसकर तीन बदमाशों ने फायरिंग की थीं। एक आरोपी ने इस दौरान कार शोरूम के मैनेजर के सिर पर पिस्तौल तान दी थीं।
शूटर अरमान के पैर में लगी गोली
कार शोरूम पर फायरिंग करने वाले शूटर की दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ आज (3 अक्टूबर) को कंझावला इलाके में मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद स्पेशल सेल ने शूटर अरमान को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी। अरमान ही इस वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य शूटर बताया जा रहा है। उसके दो और साथियों की तलाश जारी
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बताया जा रहा है कि गैंगस्टर हिमाशु भाऊ के इशारे पर नारायाण में कार शोरूम पर फायरिंग हुई थीं। घटना का एक CCTV फुटेज भी सामने आया था, जिसमें पीली टी शर्ट पहने नजर आ रहा शूटर अरमान ही था। वह खाली कारतूस भी इकट्ठे भी कर रहा था।
इंटरनेशनल लेवल का खिलाड़ी निकला मास्टरमाइंड
एक तरफ स्पेशल सेल ने मुख्य शूटर को अरेस्ट किया। दूसरी तरह मामले में आज ही मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी दीपक को रोहतक से गिरफ्तार किया, जो अंतरराष्ट्रीय जूनियर लेवल का किक-बॉक्सिंग खिलाड़ी है।
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मास्टरमाइंड दीपक ने इस घटना को अंजाम देने के लिए पर्दे के पीछे से भूमिका निभाई। पूछताछ में उसने बताया कि वह घटनास्थल पर गया था, लेकिन शोरूम के अंदर नहीं गया। अपना चेहरा छिपाने के लिए खुद को बाहर रखा क्योंकि वह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी था।
पूछताछ में किए ये खुलासे
आरोपी दीपक ने खुलासा किया कि उसने और उसके साथियों ने कार शोरूम के मालिक से रंगदारी की मांग की थी, लेकिन उसे भुगतान नहीं किया गया था। उसे शोरूम में रेकी करने और फायरिंग करने का काम सौंपा गया था। उसने अपने तीन साथियों को शामिल किया और हथियार का इंतजाम किया। 26 सितंबर को सभी रोहतक के एक होटल में इकट्ठे हुए और अगले दिन घटनास्थल पर आए। यहां उसके साथियों ने गोलीबारी की और शोरूम के मालिक और कर्मचारियों को डराने के लिए वहां एक पर्ची भी छोड़ दी, जिससे रंगदारी की मांग पूरी कर सकें।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 3 October 2024 at 10:11 IST