AI से पूछकर 45 साल के शख्स ने ली HIV की दवाएं, दुलर्भ बीमारी का हुआ शिकार; दिल्ली से सामने आया चौंकाने वाला मामला
Delhi: अगर आप भी AI से सलाह लेकर दवाएं लेते हैं तो सावधान हो जाएं। ऐसा करना दिल्ली के एक शख्स को भारी पड़ गया। शख्स ने बिना डॉक्टर की सलाह के AI की सलाह पर HIV की दवाएं ली। इसके बाद वो एक दुलर्भ बीमारी की चपेट में आ गया।
- भारत
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Delhi news: आजकल के समय में लोग इंटरनेट या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आंख बंद कर भरोसा करने लगे हैं। अपनी समस्याओं के समाधान हम AI से खोजने लगे हैं, लेकिन ऐसा करना भारी भी पड़ सकता है। खासतौर पर AI पर सर्च कर बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने वाले सावधान हो जाएं। दिल्ली से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 45 साल के शख्स ने AI की सलाह पर एचआईवी से बचाव की दवाएं ली, लेकिन गलत तरीके से ली गई दवाओं के चलते अब वह जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गया है।
शख्स को स्टीवन्स जोन्स सिंड्रोम हो गया है, जिसे एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक रिएक्शन माना जाता है। बताया जा रहा है कि इस बीमारी का शिकार होने के बाद अब उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
AI से पूछकर मेडिकल से ली दवाई
पूरा मामला कुछ ऐसा है कि रिपोर्ट के अनुसार, शख्स को असुरक्षित यौन संबंध के बाद HIV संक्रमण का डर लग रहा था। ऐसे मामलों में आमतौर पर डॉक्टर की ओर से पोस्ट एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस दवाएं दी जाती हैं, जिन्हें संपर्क के 72 घंटे के अंदर और मेडिकल निगरानी में लिया जाता है।
इस व्यक्ति ने डॉक्टर की सलाह लिए बिना AI से दवा की जानकारी ली और फिर स्थानीय मेडिकल स्टोर से बिना पर्ची के उस मेडिसिन को खरीद लिया। डॉक्टरों के मुताबिक शख्स ने HIV की दवाओं का पूरा 28 दिन का कोर्स किया। सात दिन बाद इस दवा के रिएक्शन उसके शरीर पर होने लगे। उसके शरीर पर चकते निकलने लगे। बावजूद इसके उसने दवाएं लेना बंद नहीं किया।
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फिर कुछ ही दिनों में उसकी आंखों और शरीर के दूसरों हिस्सों में भी खतरनाक समस्याएं होने लगी। हालत बिगड़ने पर उसको अस्पताल ले जाया गया।
स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम का हुआ शिकार
जब मरीज की जांच की गई, तो उसे स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम का पता चला। इस स्थिति में त्वचा और म्यूकोसल को काफी नुकसान पहुंच सकता है। इसके लिए इंटेंसिव केयर की जरूरत होती है। जानकारी के अनुसार फिलहाल शख्स ICU में है और उसकी हालत पर डॉक्टर नजर रख रहे हैं। फिलहाल दवा के रिएक्शन को नियंत्रित करने पर फोकस किया जा रहा है।
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पूरे मामले में डॉक्टरों को जिस बात ने सबसे ज्यादा हैरान किया, वो यह था कि मरीज को ये दवाएं बिना डॉक्टर पर्ची के कैसे मिल गई। ऐसी दवाएं आमतौर पर डॉक्टर की ओर से भी नहीं लिखी जाती।
डॉक्टरों का साफ कहना है कि अगर AI का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। AI सिर्फ आपको दवा के बारे में बता सकता है। आपके शरीर में क्या एलर्जी है, किन दवाओं का उपयोग करना है, ये सिर्फ आपको डॉक्टर ही बता सकते हैं। ऐसे में AI पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए।
कितना खतरनाक है स्टीवन्स जोन्स सिंड्रोम?
स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम (SJS) एक दुर्लभ लेकिन अत्यंत गंभीर और जानलेवा त्वचा विकार है, जो आमतौर पर दवाओं के रिएक्शन के कारण होता है। इसमें त्वचा पर दर्दनाक फफोले, घाव और श्लेष्मा झिल्ली (मुंह, आंखें, जननांग) को नुकसान पहुंचता है, जिससे त्वचा की परत उतरने लगती है। समय पर इलाज न मिलने पर जान का खतरा बढ़ जाता है।