Malviya Nagar fire: जांच में मिली कई गंभीर सुरक्षा लापरवाहियां, होटल से 50-60 मोबाइल फोन और करीब 30 पासपोर्ट बरामद

दिल्ली के मालवीय नगर में 3 जून को प्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर मौत धुएं में दम घुटने से हुई। घटना के बाद पुलिस ने गेस्ट हाउस के हर कमरे की तलाशी ली और परिसर से लगभग 50 से 60 मोबाइल फोन बरामद किए।

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Malviya Nagar fire investigation reveals several serious security lapses mobile phones and passports recovered
जांच में मिली कई गंभीर सुरक्षा लापरवाहियां | Image: ANI

3 जून, 2026 को दिल्ली के मालवीय नगर के प्लोरिश स्टे होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई। इस घटना की जांच में कई बड़ी सुरक्षा लापरवाहियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, अधिकांश लोगों की मौत जलने की बजाय धुएं और घुटन से हुई।

यह गेस्ट हाउस हर महीने करीब 80 विदेशी नागरिकों को ठहराता था। इनमें से ज्यादातर लोग मेडिकल वीजा पर भारत आए थे। गेस्ट हाउस के मालिक विदेशी मेहमानों के लिए जरूरी C-Form भरकर विदेशी रजिस्ट्रेशन ऑफिस को भेजते थे। विदेशी मेहमानों के लिए सी-फॉर्म नियमित रूप से भरे जाते थे।

न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि घटना के बाद पुलिस ने गेस्ट हाउस के हर कमरे की तलाशी ली और परिसर से लगभग 50 से 60 मोबाइल फोन बरामद किए। तलाशी के दौरान लगभग 30 पासपोर्ट भी बरामद किए गए। आग पर काबू पाने के बाद भी गेस्ट हाउस के अंदर के कमरे बेहद गर्म रहे, जो आग की तीव्रता और इमारत के अंदर गर्मी और धुएं के गंभीर प्रभाव को दर्शाता है।

सुरक्षा में बड़ी लापरवाही

जांच के दौरान, अधिकारियों को इमारत की सुरक्षा में कई गंभीर खामियां भी मिलीं। इमारत की खिड़कियां और कांच के पैनल पूरी तरह से सील थे, जिससे धुएं के बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। जांचकर्ताओं ने पाया कि बेसमेंट का गेट भी बंद था। बताया जाता है कि बेसमेंट का गेट खोलने में करीब 10 मिनट लगे। सूत्रों के अनुसार, दरवाजा अंदर से बंद था, और बाद में उस क्षेत्र से छह से सात लोगों को बचाया गया।

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इमरजेंसी एग्जिट गेट भी नहीं

बचाव अभियान के दौरान, टीमों को बेसमेंट तक जाने वाले रास्ते पर लगभग ढाई फीट ऊंची लोहे की जालीदार बाधा का सामना करना पड़ा। बेसमेंट के रास्ते में 2.5 फीट ऊंची लोहे की जाली लगी हुई थी, जिसे काटने में रेस्क्यू टीम को समय लगा। इमारत में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी और कोई इमरजेंसी एग्जिट गेट भी नहीं था। इन कमियों के कारण धुआं तेजी से पूरी इमारत में फैल गया, जिससे अंदर लोग फंस गए और बचाव कार्य में काफी बाधा आई। 

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड