नजफगढ़ में गैंगवार: नीरज बवानिया गैंग के शूटरों ने अशोक प्रधान गुट के सदस्य पर की ताबड़तोड़ फायरिंग, चली 15 राउंड गोली

Delhi News : नजफगढ़ में मंगलवार रात नीरज बवानिया गैंग के शूटरों ने अशोक प्रधान गैंग के सदस्य रोहित लांबा पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। लांबा स्कूटी पर मंदिर जा रहा था, जब ब्रेजा कार से चार बदमाशों ने 15 से अधिक गोलियां चलाईं।

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Gang war in Najafgarh Shooters from Neeraj Bawania gang opened fire on Ashok Pradhan gang member
नजफगढ़ में गैंगवार | Image: Republic

Delhi Gang War : दिल्ली के नजफगढ़ में मंगलवार को गैंगवार हुआ और हवा में गूंजी गोलियों की आवाज ने इलाके में दहशत फैला दी। कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवानिया गैंग के शूटरों ने अशोक प्रधान गैंग के एक प्रमुख सदस्य पर खुलेआम फायरिंग कर दी। पुलिस ने चार बदमाशों को ब्रेजा कार पर सवार होकर भागते हुए देखा। जांच में पता चला कि 15 से अधिक राउंड गोलियां चलाई गईं।

नीरज बवानिया गैंग के बदमाश अशोक प्रधान गैंग के रोहित लांबा को निशाना बनाने आए थे। इस गैंगवार में कोई घायल नहीं हुआ। ये घटना उस वक्त हुई जब रोहित लांबा अपनी स्कूटी पर एक दोस्त के साथ नजफगढ़ थाना क्षेत्र के एक मंदिर की ओर जा रहा था। अचानक, पीछे से आई एक ब्रेजा कार से उतरे चार अज्ञात बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। लांबा ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल कर घटना की सूचना दी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची को खाली कारतूसों का अंबार मिला।

जमानत पर आया है लांबा

पुलिस का मानना है कि ये हमला पहले से प्लान किया गया था। रोहित लांबा अशोक प्रधान गैंग का सक्रिय सदस्य है, जो हाल ही में नीरज बवानिया के मामा की हत्या के एक मामले में जमानत पर रिहा हुआ है। माना जा रहा है कि बवानिया गैंग ने लांबा पर बदला लेने के इरादे से यह हमला करवाया। रोहित लांबा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि बदमाशों ने स्पष्ट रूप से उन्हें निशाना बनाया, लेकिन अंधेरे और भागने की जल्दी में वे चूक गए। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयानों के आधार पर बदमाशों की तलाश तेज कर दी है।

गैंगवार का पुराना इतिहास

यह रोहित लांबा पर पहला हमला नहीं है। इससे पहले गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गैंग ने भी उस पर हमला करवाया था, जिसमें लांबा बाल-बाल बच गए थे। दिल्ली-एनसीआर में गैंगवार का यह सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है, जहां नीरज बवानिया, अशोक प्रधान और हिमांशु भाऊ जैसे अपराधी गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी ने सड़कों को युद्धक्षेत्र बना दिया है। नीरज बवानिया गैंग दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर अपनी कथित सुप्रीमेसी के लिए कुख्यात है, जबकि अशोक प्रधान गुट पुरानी दुश्मनी को लेकर लगातार टकराव में रहता है। 

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड