Breaking: दिल्ली-NCR में हाइब्रिड मोड में होगी पांचवीं तक की पढ़ाई, प्रदूषण के चलते GRAP-3 लागू
Delhi News: दिल्ली में GRAP-3 लागू होने से पांचवीं क्लास तक के स्कूल हाइब्रिड मोड पर चलेंगे। रजिस्टर्ड छोटे मालवाहक गाड़ियों पर भी रोक रहेगी।
- भारत
- 3 min read

Delhi Pollution : दिल्ली के आसमान में स्मॉग की चादर और हवा में घुले प्रदूषण के जहर को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-3 (GRAP-3) फिर से लागू कर दिया गया है। हवा की धीमी गति और मौसम की परिस्थितियों के कारण दिल्ली का AQI बेहद खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। अब दिल्ली-NCR में पांचवीं क्लास तक के स्कूलों में पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी।
GRAP-3 होने के बाद गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों और डीजल से चलने वाले ट्रकों के राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। GRAP के तीसरे चरण के तहत यह निर्देश जारी किया गया है। GRAP का तीसरा चरण AQI 401-450 (गंभीर) होने पर लागू होता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कहा कि प्रतिकूल मौसम और जलवायु परिस्थितियों के कारण प्रदूषण का स्तर अभी और बढ़ने की आशंका है।
क्या है GRAP-3?
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता के आधार पर GRAP को चार चरणों में बांटा गया है।
- पहला चरण AQI 201-300 यानी ‘खराब’ होने पर लागू किया जाता है
- दूसरा चरण AQI 301-400 (बहुत खराब) होने पर लागू होता है
- तीसरा चरण AQI 401-450 (गंभीर) होने पर लागू होता है
- चौथा चरण AQI 450 से अधिक (गंभीर से भी ज्यादा) होने पर लागू किया जाता है
पहले चरण में पाबंदियां
500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक के इलाके में निर्माण और तोड़फोड़ पर रोकने का आदेश दिया जाता है। दिल्ली के 300 किलोमीटर के अंदर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और थर्मल पावर प्लांट पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों के तंदूर में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दी जाती है।
Advertisement
दूसरे चरण में पाबंदियां
दूसरे चरण के तहत उठाए जाने वाले कदमों में निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाना, CNG/इलेक्ट्रिक बस और मेट्रो सेवाओं को बढ़ावा देना शामिल है।
तीसरे चरण की पाबंदियां
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में पेट्रोल से चलने वाले बीएस-3 इंजन वाले और डीजल से चलने वाले बीएस-4 चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रावधान है। आवश्यक सरकारी परियोजनाओं, खनन और पत्थर तोड़ने को छोड़कर निर्माण, तोड़फोड़ कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है। दिल्ली से बाहर पंजीकृत हल्के कमर्शियल व्हीकल, डीजल के ट्रक, मध्यम और भारी माल वाहनों (आवश्यक सेवाओं में शामिल वाहनों को छोड़कर) के प्रवेश पर प्रतिबंध भी शामिल है।
Advertisement
चौथे चरण की पाबंदियां
चौथा चरण लागू होते ही सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। राज्य सरकारें ऐसी स्थितियों के दौरान स्कूली छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं और सरकारी, निजी कार्यालयों के लिए घर से काम करने के बारे में निर्णय लेने के लिए भी अधिकृत है।
(इनपुट भाषा के सथा रिपब्लिक भारत डेस्क)