Delhi Metro की ब्लू और ग्रीन लाइन पर बदले जाएंगे पुराने एस्केलेटर, DMRC ने यात्रियों से की खास अपील; पढ़ें
दिल्ली मेट्रो ने ब्लू और ग्रीन लाइन पर पुराने एस्केलेटर की ओवरहॉलिंग शुरू कर दी है। ऐसे में मेंटेनेंस के दौरान कुछ समय के लिए यात्रियों के लिए सेवा बाधित रहेगी। जानें DMRC ने यात्रियों से क्या अपली की? पढ़ें पूरी खबर।
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Delhi Metro News: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने अपने नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में DMRC ने राजधानी के सबसे व्यस्त कॉरिडोर ब्लू और ग्रीन लाइन पर स्थित पुराने हेवी-ड्यूटी एस्केलेटर की ओवरहॉलिंग का काम शुरू किया है। DMRC के मुताबिक, इस प्रक्रिया के तहत इंजीनियर एस्केलेटर के अंदरूनी पार्ट्स की गहन जांच करेंगे। खराब या पुराने पुर्जों को बदला जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी खराबी से बचा जा सके।
यात्रियों के लिए जरूरी सूचना
मेंटेनेंस के दौरान संबंधित एस्केलेटर को कुछ समय के लिए बंद रखा जाएगा। DMRC ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस दौरान दूसरे रास्तों या लिफ्ट का इस्तेमाल करें। यह कवायद मेट्रो यात्रा को और ज्यादा सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को पहले से बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
कौन बने दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल का पहला CEO
हाल ही में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने अपने विस्तार के लिए एक नई शाखा 'दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड' (DMIL) का गठन किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के बाहर और देश के अन्य हिस्सों में मेट्रो परियोजनाओं, संचालन और रखरखाव का कार्य करना है। इस नई इकाई के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में संजय जमुआर को नियुक्त किया गया है।
संजय जमुआर एक अनुभवी आईआरटीएस (IRTS) अधिकारी रहे हैं और 1998 में डीएमआरसी के संचालन और रखरखाव विभाग के पहले कर्मचारी थे। उन्हें भारतीय रेलवे के साथ-साथ यूके, यूएसए, फ्रांस और मध्य पूर्व जैसे देशों में काम करने का लंबा अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त है।
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DMRC को मिलेगी नई पहचान
डीएमआईएल की स्थापना मेट्रो कंसल्टेंसी और परियोजना सेवाओं को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए की गई है। यह संस्था अधिकारियों और ऋणदाताओं को विशेषज्ञ सलाह देने के साथ-साथ परिवहन प्रणालियों के लिए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने का काम करेगी। बतादें DMRC पहले से ही ढाका मेट्रो और चेन्नई, मुंबई और पटना जैसी घरेलू परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही है। डीएमआईएल के गठन से DMRC को अपने वैश्विक और घरेलू परिचालन को और बढ़ाने में मदद मिलेगी।