DMRC: प्रदूषण मिटाने के लिए दिल्ली मेट्रो का गेमचेंजर प्लान, सेंट्रल विस्टा इलाके में शुरू की हाइड्रोजन बसें; यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए DMRC ने हाइड्रोजन बस सेवा शुरू की है। सेंट्रल विस्टा इलाके में यात्रियों को इन बसों से बड़ा फायदा मिलने वाला है। जानें कैसे इन बसों से प्रदूषण मुक्त सफर की सुविधा मिलेगी? पढ़ें पूरी खबर।

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Delhi Metro Central Vista Shuttle bus Service
DMRC ने कर दिया कमाल, Central Vista में हाइड्रोजन बसें शुरू, प्रदूषण पर लगेगी लगाम | Image: @OfficialDMRC

Delhi Metro Hydrogen Bus: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में दिल्ली मेट्रो ने आज ऐतिहासिक कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय और  पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में एक शहरी हाइड्रोजन-पावर्ड शटल बस सेवा की शुरुआत की है।

सेंट्रल सेक्रेटेरिएट से हुई शुरुआत

इस प्रदूषण मुक्त बस सेवा की शुरुआत आज (15 मई) से सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन से की गई। शुरुआती चरण में 2 बसों को पैसेंजर सर्विस के लिए हरी झंडी दिखाई गई है। ये सेवा खास तौर पर उन यात्रियों और पर्यटकों के लिए फायदेमंद होगी जो सेंट्रल सेक्रेटेरिएट वाले एरिया से रोजाना आना-जाना करते हैं, अधिकतर लोग इस एरिया से पैदल ही मेट्रो तक रास्ता तय करते हैं, ऐसे में उन लोगों के लिए ये जानकारी बेहद खास है। इससे उनका रास्ता आसान हो जाएगा और DMRC की बस ही उन्हें मेट्रो तक रास्ता तय करने में मदद करेगी।

DMRC के डायरेक्टर को सैंपी गई बसों की चाबी 

इस परियोजना को सफल बनाने में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की अहम भूमिका रही, सेवा के उद्घाटन के दौरान IOCL के डायरेक्टर (रिफाइनरी) अरविंद कुमार ने बसों की चाबियां DMRC के डायरेक्टर (ऑपरेशंस एंड सर्विसेज़) डॉ. अमित कुमार जैन को सौंपीं। इस अवसर पर दोनों संगठनों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

हाइड्रोजन बस के फायदे जान हैरान रह जाओगे

  • हाइड्रोजन से चलने वाली ये बसें सिर्फ पानी की वाष्प (Water Vapor) छोड़ती हैं, जिससे वायु प्रदूषण बिल्कुल नहीं होता।
  • यह पहल भारत के 'नेट जीरो' लक्ष्य को प्राप्त करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम है।
  • ये बसें लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के रूप में काम करेंगी, जिससे मेट्रो यात्रियों के लिए सेंट्रल विस्टा घूमना आसान हो जाएगा।

ये शटल सेवा एक पायलट प्रोजेक्ट की तरह है। अगर ये सफल रहती है, तो आने वाले समय में दिल्ली के बाकी व्यस्त इलाकों में भी हाइड्रोजन बसों का विस्तार करने को लेकर प्लान किया जाएगा। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड