ऐतिहासिक इंजीनियरिंग... ऊपर चलती रही दिल्ली मेट्रो, DMRC ने ठीक नीचे बना डाली सुरंग, ट्रेनों को एक सेकंड के लिए भी नहीं रोका

DMRC ने पुलबंगश में चलती रेड लाइन के ठीक नीचे बिना ट्रेन सेवा रोके नई टनल बना ली है। इसके साथ ही मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन का अहम हिस्सा पूरा हो गया है।

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Delhi Metro
मेट्रो स्टेशन | Image: ANI

DMRC tunnel under Red Line: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने चौथे चरण के विस्तार में एक तकनीकी रूप से मुश्किल और ऐतिहासिक काम पूरा कर लिया है। रविवार (30 नवंबर) को DMRC अधिकारियों ने बताया कि पुलबंगश में ऑपरेशनल रेड लाइन के एलिवेटेड वायडक्ट के ठीक नीचे नई टनल का निर्माण बिना किसी ट्रेन सेवा में रुकावट के सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।

यह टनल मैजेंटा लाइन के जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम कॉरिडोर एक्सटेंशन का हिस्सा है, जो पुलबंगश को सदर बाजार से जोड़ेगी। DMRC के मुताबिक, टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने पूरी प्रक्रिया के दौरान रेड लाइन पर बिना ट्रेन परिचालन रुके काम किया। यह दिल्ली मेट्रो की इंजीनियरिंग क्षमता का अच्छा उदाहरण है।

दिल्लीवासियों को जल्द मिलेगी नई कनेक्टिविटी

इस सफलता से फेज-4 के तीन प्रमुख कॉरिडोरों में से ये एक खास हिस्सा था, जो पूरा हो गया। इससे दिल्लीवासियों को जल्द नई कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। DMRC प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद सिंह ने कहा कि, यह कार्य तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता थी। 24 घंटे मॉनिटरिंग से हर 15 मिनट में डेटा जांचा गया। इस सफलता से भविष्य में इस परियोजनाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।

रेड लाइन पर रोज 7 लाख यात्री करते हैं यात्रा

पुलबंगश और सदर बाजार स्टेशनों के बीच सुरंग बनाने का यह कार्य सबसे कठिन था, क्योंकि ऊपर व्यस्त रेड लाइन पर ट्रेनें नहीं रोकी गई, जबकि टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने उस एलिवेटेड वायडक्ट के नीचे सावधानीपूर्वक सुरंग निर्माण कार्य किए, जिस पर ट्रेनें चल रही थीं। इसके अलावा, यहां रेड लाइन वायडक्ट बैलेंस्ड कैंटिलीवर स्पैन के साथ खुली नींव पर बना है। ऐसे स्ट्रक्चर के नीचे सुरंग बनाने के लिए इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ज्यादा इंजीनियरिंग सावधानियों की जरूरत थी। सेक्शन पर डाउनलाइन टनल का निर्माण कार्य अब पूरा हो गया है। अब लाइन टनल पर भी उसी लेवल की सावधानी और मॉनिटरिंग के साथ काम चल रहा है। यह जरूरी निर्माण कार्य था, क्योंकि रेड लाइन पर हर दिन औसतन 7 लाख यात्री यात्रा करते हैं। 

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड