दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा का आर्म्ड फोर्सेज के खिलाफ आपत्तिजनक बयान, रेपकांड को लेकर बिगड़े बोल
Delhi News: दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक बयान दिया।
- भारत
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New Delhi: 16 अगस्त को कोलकाता रेप मामले को लेकर छात्रों के लेफ्ट संगठनों द्वारा एक प्रदर्शन आयोजित किया गया था। ये प्रदर्शन दिल्ली यूनिवर्सिटी के आर्ट्स फैकल्टी में आयोजित किया गया था।
अब इस प्रदर्शन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक लड़की ने आपत्तिजनक शब्द इंडियन आर्म्ड फोर्सेज के खिलाफ बोले हैं। आपको बता दें कि पुलिस का कहना है कि ये मामला उनके संज्ञान में है।
छात्रा ने दिया ये आपत्तिजनक बयान
छात्रा ने आर्म्ड फोर्सेज के खिलाफ बयानबाजी करते हुए कहा- 'जिस आजादी का हम लोग इतना प्राइड ले रहे हैं, उसी की Armed Forces रेप करती है। कश्मीर में करती है, मणिपुर में करती है, छत्तीसगढ़ में करती है, दलित महिलाओं का करती है और मुसलमान महिलाओं का करती है। हर कमजोर औरत का करती है ताकि अपना शोषण जारी रख पाएं।'
आपको बता दें कि SFI ने इस छात्रा के SFI संगठन का होने से मना किया है। इस प्रदर्शन में लेफ्ट के कई संगठन जैसे
AISA, SFI, Disha, भगत सिंह छात्र एकता मंच जुड़े थे। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ये छात्रा भगत सिंह छात्र एकता मंच की बताई जा रही है। ये लड़की दिल्ली यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा भी बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि ये मामला उनके संज्ञान में है। फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
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BJP ने बंगाल की घटना पर लगाए आरोप
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में घटित 'बलात्कार-हत्याकांड' पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "मामला CBI को सौंप दिया गया है, इससे पता चलता है कि पश्चिम बंगाल पुलिस इसे दबाने की कोशिश कर रही थी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री प्रदर्शन कर रही हैं कि आरोपियों को पकड़ा जाए। वो मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और गृह मंत्री हैं, सवाल यह है कि वे किसके खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं? मुझे विश्वास है कि CBI आरोपियों को पकड़ लेगी और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।"
वहीं, BJP नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि यह बड़ी अजीब बात है और मुझे आश्चर्य होता है...मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) स्वास्थ्य मंत्री हैं, कानून और व्यवस्था उनके हाथ में है और वे सत्ता में हैं। अगर वे इसे संभाल नहीं सकतीं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर उन्हें सत्ता से नहीं हटाया गया तो बंगाल दूसरा बांग्लादेश बन जाएगा।