अपडेटेड 14 February 2026 at 14:04 IST
दिल्ली में ₹1,000 करोड़ में बिक रहा आलीशान बंगला, उत्तराखंड की रियासत का ये टिहरी गढ़वाल क्यों है मशहूर? जानिए कौन है खरीदार
दिल्ली के लुटियंस जोन में हवेली बेच रहे मनुजेंद्र शाह कौन हैं? टिहरी गढ़वाल के महाराज की जिंदगी, उनका परिवार और डील की पूरी कहानी पढे़ं।
- भारत
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Delhi Luxury House Sale: दिल्ली के लुटियंस जोन में भगवान दास रोड पर स्थित एक आलीशान हवेली की 1000 करोड़ रुपये में हाल ही में डील हुई है। यह संपत्ति टिहरी गढ़वाल रियासत के महाराज मनुजेंद्र शाह की है, जिन्होंने इसे बेचने का फैसला किया है। ये 3.2 एकड़ में फैली हवेली 'टिहरी हाउस' के नाम से जानी जाती है और ऐतिहासिक महत्व रखती है।
मनुजेंद्र शाह कौन हैं?
मनुजेंद्र शाह टिहरी गढ़वाल रियासत के वर्तमान महाराज हैं। उनके पिता मानवेंद्र शाह टिहरी के अंतिम नरेश थे, जो स्तंत्र भारत में टिहरी से कई बार सांसद चुने गए। वहीं, मनुजेंद्र शाह अपनी शाही जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्हें कारों का शौक है और उनके पास बीएमडब्ल्यू, पोर्श जैसी लग्जरी कारों के अलावा कई विंटेज कारें हैं। वह देश-विदेश में कार रैलियों में भाग लेते हैं और कई एलीट क्लबों के सदस्य हैं।
मनुजेंद्र शाह के इंस्टाग्राम पर उनके प्रोफाइल से पता चलता है कि वह अपनी शाही विरासत को बनाए रखते हैं। हालांकि, वह सार्वजनिक जीवन से दूर रहते हैं और खास तौर से अपने व्यवसाय और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देते हैं।
मनुजेंद्र शाह का राजनेती से कनेक्शन कैसे?
मनुजेंद्र शाह की पत्नी माला राज्य लक्ष्मी शाह टिहरी गढ़वाल से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद हैं। वह कई बार लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं। मानवेंद्र शाह की राजनीतिक विरासत अब बहू माला के कंधों पर है। परिवार के पास दिल्ली के अलावा नरेंद्र नगर पैलेस, आनंदा और रिज हाउस जैसी कई शाही संपत्तियां हैं।
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किसके साथ हुई 1000 करोड़ की डील
भगवान दास रोड के प्लॉट नंबर 5 पर स्थित यह हवेली कभी टिहरी राजपरिवार का आधिकारिक आवास थी। अब इसकी डील फाइनल हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे वही व्यवसायी खरीद रहा है, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के आवास को 1100 करोड़ में खरीदा था। यह डील दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार में सबसे बड़ी मानी जा रही है।
मनुजेंद्र शाह इस संपत्ति को बेचने के फैसले पर चुप हैं, चर्चाएं है कि रखरखाव की लागत और आधुनिक जरूरतों के कारण ऐसा किया जा रहा है। लुटियंस जोन में संपत्तियों की कीमतें आसमान छू रही हैं। हालांकि, यह डील ऐतिहासिक संपत्तियों के संरक्षण पर सवाल भी उठा रही है। माना जा रहा है कि लुटियंस जोन की संपत्तियां दुर्लभ हैं और इनकी मांग हमेशा ऊंची रहती है। मनुजेंद्र शाह जैसे राजघरानों की संपत्तियां भारतीय इतिहास का हिस्सा हैं, लेकिन आधुनिक समय में इन्हें बेचना आम हो रहा है।
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Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 14 February 2026 at 14:04 IST