Delhi Pollution: दिल्ली में हवा हुई जहरीली... AQI 300 पार, लागू हुआ GRAP-1; जानें किन चीजों पर लगा बैन
मौसम में बदलाव आते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। कई क्षेत्रों में AQI 300 के पार दर्ज किया गया है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पूरे NCR में GRAP-1 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
- भारत
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दिल्ली-एनसीआर में मौसम के बदलते ही हवा में जहर घुलने लगा है। दिन में हल्की धूप और रात में बढ़ती ठंड के साथ प्रदूषण का स्तर तेजी से बिगड़ रहा है। कई इलाकों में AQI 300 के पार पहुंच कर 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने GRAP का पहला चरण तुरंत लागू कर दिया है।
मौसम का मिजाज और जहरीली हवा का कारण
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तापमान में आ रही गिरावट और शाम के समय हवा की धीमी रफ्तार के कारण गाड़ियों का धुआँ, धूल और हानिकारक कण जमीन के करीब ही ठहर रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार पूसा, पंजाबी बाग और ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क जैसे क्षेत्रों में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है।
GRAP-1 के तहत कड़े प्रतिबंध
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रैप-1 लागू होते ही कई सख्त कदम उठाए गए हैं।
निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल दबाने के लिए एंटी-स्मॉग गन चलाना अनिवार्य कर दिया गया है।
होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में कोयला या लकड़ी जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए मशीनों से सफाई और पानी का नियमित छिड़काव शुरू कर दिया गया है।
खुले में कचरा या सूखे पत्ते जलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मेगा एक्शन प्लान
प्रदूषण से निपटने के लिए करीब 30 सरकारी एजेंसियां एक साथ मिलकर काम कर रही हैं। निजी गाड़ियों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से मेट्रो को छोड़कर अन्य पार्किंग फीस दोगुनी की जा सकती है। इसके अलावा ट्रैफिक जाम और धूल की समस्या को दूर करने के लिए सड़कों की मरम्मत और एआई (AI) आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट की मदद ली जा रही है।
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बिना PUCC दौड़ी गाड़ी तो 10,000 का चालान
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस सख्त रवैया अपना रही है। बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) के चलने वाले वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालकों पर सीधे 10,000 रुपये का भारी चालान काटा जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बढ़ते प्रदूषण के बीच बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी है।
1 नवंबर से बदलेंगे नियम
प्रदूषण पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, '1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा। मेट्रो को छोड़कर हर जगह पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा क्योंकि हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग मेट्रो से सफर करें। कार्यालय के समय को अलग-अलग कर दिया गया है। एमसीडी सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होगी, और सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में इस अवधि के दौरान 50% वर्क फ्रॉम होम लागू होगा। हमने अपनी धारा 5 में उन्हें ये निर्देश जारी किए हैं। 1 नवंबर से 31 जनवरी, 2027 तक दिल्ली के बाहर से आने वाले भारत स्टेज छह से नीचे के वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहन और आपातकालीन एम्बुलेंस को छूट दी जाएगी। 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक सभी प्रकार के विध्वंस, निर्माण और बाहरी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।