Delhi AQI Update: दिल्ली-NCR में प्रदूषण बेकाबू, ग्रैप-3 लागू होने के बाद भी नहीं मिल रही राहत; एक्‍यूआई 500 के पार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में धुंध की परत छाई है। बढ़ती ठंड के बीच लोगों का सांस लेना मुहाल होता जा रहा है। वायु प्रदूषण के स्तर में कोई गिरावट नहीं आ रह है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Delhi Pollution
Delhi Pollution | Image: ANI

दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं। खुली हवा में सांस लेना लोगों के लिए दुभर हो गया है। ग्रैप-3 लागू होने के बावजूद भी प्रदूषण के स्तर में कोई गिरावट नहीं आई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई जगहों पर 500 को पार कर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, लेकिन स्थिति में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

राजधानी दिल्ली में धीरे-धीरे ठंड में इजाफा हो रहा है। बढ़ती ठंड के बीच लोगों का सांस लेना मुहाल होता जा रहा है। दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण के स्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। रविवार सुबह हवा की गुणवत्ता और बिगड़ गई है, जहां केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार तड़के AQI 551 दर्ज किया गया, जो 'हैजर्डस' श्रेणी में आता है।

दिल्ली में प्रदूषण से बिगड़े हालात

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में धुंध की परत छाई है। धौला कुआं के पास हालत बदतर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इस क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 338 है, जिसे 'बेहद खराब' श्रेणी में रखा गया है। 5वीं क्लास तक के बच्चों की हाइब्रिड मोड में पढ़ाई हो रही है। 
 

AQI में नहीं आ रही है गिरावट

वायु गुणवत्ता खराब होने के बावजूद लोगों ने कर्तव्य पथ पर जॉगिंग की। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इस क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 370 है, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा गया है। प्रदूषण को कम करने के लिए जगह-जगह पानी का भी छिड़काव किया जा रहा है।

Advertisement

हवा की रफ्तार धीमी

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, पिछले 24 घंटों में औसत AQI 386 था, जो 'सीवियर' कैटेगरी में था, लेकिन सुबह होते-होते यह 551 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार बेहद धीमी होने से प्रदूषक तत्व फैल नहीं पा रहे, जिससे स्थिति और गंभीर हो रही है। प्रदूषण की मुख्य वजह PM2.5 का स्तर 351 और PM10 का 466 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंचना है

यह भी पढ़ें: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में हलचल तेज, इन राज्यों में हाई अलर्ट

Advertisement
Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड