50% वर्क फ्रॉम होम, पुरानी कारों पर रोक, बिना PUC के फ्यूल नहीं... प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली में आज से ये प्रतिबंध लागू

दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा हुआ है। हालात को देखते हुए आज से कई कई सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई है। जानें प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली में आज से लागू होंगे कौन-कौन से प्रतिबंध

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Delhi Pollution
Delhi Pollution | Image: ANI

Delhi-NCR Air Pollution: देश की राजधानी दिल्ली गैस चैंबर बनी हुई है। दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा हुआ है। धुंध और कोहरे की मोटी चादर घिरी राष्ट्रीय राजधानी में लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा है। ऐसे में हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कुछ सख्त फैसले लिए हैं। आज,18 दिसंबर 2025 से सभी सरकारी और निजी संस्थानों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही गुरुवार से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-3 और स्टेज-4 के तहत प्रदूषण नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू हो गए हैं।

दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा, "दिल्ली के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 18 दिसंबर से केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही ऑफिस में उपस्थित हो सकेंगे, शेष 50 प्रतिशत को घर से काम करना होगा। यह नियम अनिवार्य है और इसका उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना शामिल है।

आज से ऑफिस में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

नय नियमों के तहत ऑफिसों को हाइब्रिड मोड में काम करना, कंस्ट्रक्शन का सामान ढोने वाले वाहनों पर रोक और वाहनों में PUC सर्टिफिकेट अनिवार्य करना शामिल है।  ये सारे कदम ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-4 के तहत लिए गए हैं। सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

इन सेवाओं को मिलेगी छूट

दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, बिजली-पानी आपूर्ति और अन्य इमरजेंसी सेवाओं को इस नियम से छूट दी गई है। साथ ही, दफ्तरों को लचीले कार्य घंटे अपनाने, स्टैगर्ड टाइमिंग और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और प्रदूषण पर लगाम लगे।

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GRAP-4  की पाबंदी लागू

इसके साथ ही ग्रेप 3 के दौरान निर्माण कार्य बंद होने से प्रभावित रजिस्टर्ड मजदूरों के लिए श्रम विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली सरकार इन मजदूरों को 10 हजार का मुआवजा देगी। निर्माण कार्य रुकने से प्रभावित सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड मजदूरों के खातों में दिल्ली सरकार द्वारा 10 हजार रुपये भेजे जाएंगे। ग्रेप-4 खत्म होने के बाद भी इसी आधार पर मजदूरों को राहत दी जाएगी।

PUC सर्टिफिकेट बिना पेट्रोल/डीजल नहीं

नए नियम के तहत सरकार ने पेट्रोल पंपों को आदेश दिया है कि बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ईंधन (पेट्रोल/डीजल) न दिया जाए। बता दें कि PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट यह साबित करता है कि गाड़ी का धुआं तय सीमा के अंदर है। यह सर्टिफिकेट अधिकृत केंद्रों पर जांच के बाद जारी किया जाता है।

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इन गाड़ियों की आज से दिल्ली में एंट्री बैन

इसके साथ दिल्ली सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि BS-6 से नीचे वाले सभी वाहन, खासकर जो दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड हैं, उन्हें GRAP-3 या 4 के दौरान दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इन नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें पेट्रोल पंपों और बॉर्डरों पर तैनात की जाएंगी। बॉर्डरों पर से ही इन गाड़ियों की एंट्री बैन कर दी जाएगी।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड