दिल्लीवालों ने रात में की जमकर पार्टी, नशे में गाड़ी चलाने पर 868 लोगों के कटे चालान; चप्पे-चप्पे पर दिखी ट्रैफिक पुलिस
नया साल 2026 आने की खुशी में देर रात लोगों ने जमकर पार्टी की। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस बीच नशे में वाहन चला रहे 868 लोगों के चालान काटे। दिल्ली के सभी भीड़भाड़ वाले इलाकों पर पुलिस का फोकस था।
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Delhi Traffic Police challans : नया साल 2026 आने की खुशी में दिल्लीवालों ने जमकर जश्न मनाया। देर रात तक लोग पार्टी करते नजर आए, वहीं सड़क सुरक्षा को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी कोई ढिलाई नहीं बरती। 31 दिसंबर, 2025 की रात नशे में गाड़ी चलाने के आरोप में 868 लोगों के चालान काट गए।
नशे के खिलाफ इस अभियान का मकसद सड़क हादसों को रोकना था। क्योंकि नशे में ड्राइविंग देश में दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह है। पुलिस ने शहर की मेन सड़कों, नाइटलाइफ हब्स और रिहायशी इलाकों में खास टीमें तैनात कीं। रात भर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई और चेकपॉइंट्स को बार-बार बदला गया ताकि कोई बच न सके। नशे में ड्राइविंग के अलावा, तेज रफ्तार, बाइक स्टंट और बाकी खतरनाक यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर भी सख्त कार्रवाई की गई और चालान काटे गए।
भीड़भाड़ वाले इलाकों पर रखा पूरा फोकस
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली में लगभग 20,000 जवान तैनात किए गए थे। CCTV कैमरों और जिला कंट्रोल रूम के बीच रियल-टाइम में किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी गई। पुलिस की टीमें कनॉट प्लेस, हौज खास और एयरोसिटी जैसे व्यस्त इलाकों पर खास नजर रख रही थीं। इन जगहों पर जश्न मनाने वालों की भीड़ ज्यादा होती है, इसलिए यहां चेकिंग को और सख्त बनाया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह अभियान सिर्फ दंड देने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को नशे में गाड़ी चलाने के खतरों के प्रति जागरूक करने के लिए भी था।
नशे में ड्राइविंग से होते हैं सड़क हादसे
भारत में हर साल हजारों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं और नशे में ड्राइविंग इसका एक मेन कारण है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के इस कदम से बाकी शहरों को भी प्रेरणा मिल सकती है। अधिकारी ने अपील की कि लोग जश्न मनाएं, लेकिन जिम्मेदारी से। सार्वजनिक परिवहन या कैब का इस्तेमाल करें और नशे की हालत में कभी वाहन न चलाएं। आने वाले दिनों में ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि राजधानी की सड़कें सुरक्षित रहें।