दिल्ली पुलिस ने एक लाख के इनामी बदमाश मोहम्मद फिरोज को पकड़ा, मानव तस्करी रैकेट से जुड़े हैं तार; जानें पूरा मामला
दिल्ली पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक लाख के इनामी बदमाश मोहम्मद फिरोज को गिरफ्तार कर लिया है। मोहम्मद पर एक नाबालिग लड़की को अगवा करने, उसका यौन शोषण करने और उसे 2 लाख रुपये में बेचने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। जानें क्या था पूरा मामला?
- भारत
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Human Trafficker Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लंबे वक्त से फरार चल रहे एक बड़े आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मोहम्मद फिरोज पर नाबालिग लड़की का अपहरण, यौन शोषण और उसे 2 लाख रुपये में बेचने के गंभीर आरोप हैं। दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का नकद इनाम रखा था।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद फिरोज की उम्र 46 साल है वो मूलता मुजफ्फरपुर यानी बिहार का रहने वाला है। लेकिन फिलहाल गुरुग्राम में रह कर एक फैक्ट्री में काम कर रहा था। फिरोज के ऊपर अपहरण, यौन शोषण, मानव तस्करी, जान से मारने की धमकी और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामले दिल्ली के गोविंदपुरी थाने में दर्ज हैं।
फिरोज ने नाबालिग लड़की से शारीरिक संबंध बनाए
डीसीपी क्राइम ब्रांच में दी गई शिकायत के मुताबिक, साल 2022 में पीड़ित नाबालिग लड़की तुगलकाबाद एक्सटेंशन की एक पर्स बनाने वाली फैक्ट्री में काम सीख रही थी। वहीं पर उसकी मुलाकात आरोपी फिरोज से हुई। फिरोज ने लड़की को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग जगहों पर ले जाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
राजस्थान ले जाकर 2 लाख में बेच दिया
वहीं, क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इसके बाद आरोपी ने धोखाधड़ी से पीड़िता की शादी झुंझुनू (राजस्थान) के एक व्यक्ति से करा दी और इसके बदले में 2 लाख रुपये ले लिए और किसी को भी इस बारे में बताने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
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पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
डीसीपी क्राइम ब्रांच ने आगे बताया कि पीड़िता ने किसी तरह अपने परिवार से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रेस्क्यू कराया और परिवार से मिलवाया। पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच में यौन शोषण की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट जैसी कड़ी धाराएं जोड़ीं। डीसीपी ने बताया कि इस मामले के बाकी आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके थे, लेकिन मुख्य आरोपी फिरोज लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। कोर्ट ने 18 दिसंबर 2025 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
आरोपी ने कबूल किया गुनाह
दिल्ली पुलिस टीम जब उसके पैतृक गांव बिहार पहुंची, तो पता चला कि वह वारदात के बाद से ही वहां से भाग चुका है। जिसके बाद एसीपी उमेश बर्थवाल के सुपरविजन और इंस्पेक्टर विवेक मलिक की एक स्पेशल टीम बनाई गई। हेड कांस्टेबल सुधीर और सत्यपाल के टेक्निकल एनालिसिस फोन लोकेशन और अन्य इनपुट्स की मदद से आरोपी का सुराग गुरुग्राम (हरियाणा) में मिला। दिल्ली पुलिस ने घेराबंदी कर फिरोज को धर दबोचा। आरोपी गुरुग्राम के उद्योग विहार में होम डेकोर की फैक्ट्री में लेबर का काम कर रहा था। क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपी फिरोज ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। दिल्ली पुलिस उससे आगे की पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी बड़े मानव तस्करी रैकेट का हिस्सा है।