जून के अंत तक मेट्रो से हटा दिया जाएगा ड्राइवर का केबिन, बिना ड्राइवर कैसे चलेगी गाड़ी?

मैजेंटा लाइन नोएडा के बॉटेनिकल गार्डन से लेकर जनकपुरी वेस्ट तक है। सबसे पहले दिल्ली मेट्रो ने इसी रूट को स्वचालित मेट्रो के लिए चुना।

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Delhi Metro: 27 Stations Along A 28.5-KM Railway Line To Directly Connect Delhi Soon
दिल्ली के इस रूट पर अब बिना ड्राइवर के चलेंगी मेट्रो | Image: X

अगर ट्रेन में से ड्राइवर हट जाए और ट्रेन स्वचालित हो जाए तो आपको कैसा महसूस होगा? हैरान हो गए न सुनकर लेकिन दिल्ली मेट्रो कुछ ऐसा ही करने जा रही है वो भी एक जुलाई से। ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन को लेकर दिल्ली ने मैजेंटा लाइन पर तैयारियां शुरू कर दी है। जून के अंत तक दिल्‍ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन पर चलने वाली सभी मेट्रो ट्रेनों के ड्राइवर केबिन हटाए जा रहे हैं। इसके लिए जोर शोर से तैयारियां जारी हैं। एक जुलाई से इस लाइन पर पूरी तरह से ड्राइवर लेस मेट्रो का परिचालन शुरू हो जाएगा। इसके लिए पहले से प्रैक्टिस भी कर ली गई है।

अब तक दिल्ली मेट्रो में एक ड्राइवर केबिन होता था जिसमें एक ट्रेन अटेंडेंट निगरानी के लिए मौजूद रहता था। अब इस रूट पर चलने वाली मेट्रो से ड्राइवर केबिन रिमूव कर दिया जायेगा। हर किसी के मन में ये सवाल तो जरूर उठ रहा होगा कि आखिर मेट्रो से ड्राइवर केबिन को क्यों हटाया जा रहा है। तो चलिए अब आपको बता ही देते हैं कि दिल्ली मेट्रो ने ऐसा निर्णय क्यों लिया है? दिल्ली में लगातार बाहर से आए लोगों की वजह से मेट्रो पर लगातार भार बढ़ता ही जा रहा है ऐसे में ड्राइवर केबिन को हटाने के बाद हर मेट्रो ट्रेन में थोड़ी जगह यात्रियों के लिए और ज्यादा बढ़ जाएगी। मैजेंटा लाइन के बाद अन्य लाइनों पर भी इस तकनीकि का इस्तेमाल किया जाएगा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैजेंटा लाइन के बाद दिल्ली की पिंक लाइन पर चलने वाली मेट्रो पर भी ऐसे प्रयोग की तैयारी है।

दिसंबर 2020 में हुई थी शुरुआत

दिल्ली मेट्रो को ड्राइवरलेस बनाने की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। मैजेंटा लाइन नोएडा के बॉटेनिकल गार्डन से लेकर जनकपुरी वेस्ट तक है। सबसे पहले दिल्ली मेट्रो ने इसी रूट को स्वचालित मेट्रो के लिए चुना। इसकी शुरुआत 2020 के आखिरी महीने में की गई थी। वहीं इसके बाद एक और रूट पिंक लाइन पर भी ये प्रयोग नवंबर 2021 से शुरू किया गया। शुरुआती दौर में एक अटैंडेंट ड्राइवर केबिन में रखा गया था लेकिन अब उसे भी हटाने की तैयारी है। ऐसा मानवीय गलतियों से बचने के लिए किया गया था। अगर इमरजेंस के समय ट्रेन को संभालने के लिए इन अटैंडेंट्स की नियुक्ति की गई थी।

कई चरणों में हटेंगे अटेंडेंट्स

दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने मेट्रो अटेंडेंट्स को लेकर तय किया है कि इन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा ताकि अचानक से कोई चूक न हो जाए। इस महीने के अंत तक मैजेंटा लाइन को पूरी तरह से ड्राइवरलेस कर दिया जाएगा। इस रूट पर चलने वाली लगभग 15 ट्रेनों के ड्राइवर केबिन रिमूव भी किये जा चुके हैं। दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का ये प्रयोग जहां ह्यूमन एरर को कम करता है तो वहीं अन्य गलतियों की गंजाइशों को भी कम करता है। ड्राइवर केबिन रिमूव होने के बाद बची जगह में यात्रियों के लिए अतिरिक्त डिब्बे भी लगाए जा रहे हैं ताकि दिल्ली मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ सके। 

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Published By :
Ravindra Singh
पब्लिश्ड