राजधानी बनी गैस चैंबर, AQI 300 के पार, प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो ने बढ़ाए फेरे; GRAP-2 लागू होने के बाद क्या-क्या होंगे बदलाव?
दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में GRAP-2 लागू कर दिया गया। इस बीच प्रदूषण कम करने और लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से दिल्ली मेट्रो ने बड़ा फैसला लिया है।
- भारत
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दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक रूप ले लिया है। राजधानी की हवा जहरीली हो गई है और कई इलाके गैस चैंबर जैसे बन गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में पहली बार एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 380 के पार पहुंच गया है और खतरनाक स्तर पर है। कई जगहों पर यह 400 तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में GRAP-2 लागू कर दिया गया। इस बीच दिल्ली मेट्रो ने भी लोगों के लिए बड़ा फैसला लिया है।
इंडिया गेट और जनपथ के आसपास 2 नवंबर को AQI 335 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। आईटीओ इलाके में यह 349 रहा, जबकि जहांगीरपुरी में स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां AQI 420 तक पहुंच गया। यह ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। दिवाली से पहले प्रदूषण का इतना बढ़ना चिंता का विषय बन गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने आनन-फानन में पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने यात्रियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है।
दिल्ली मेट्रो लगाएगी अतिरिक्त फेरे
प्रदूषण कम करने और लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने यह फैसला लिया है। दिल्ली मेट्रो मंगलवार से कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त फेरे चलाए जाएंगे। इससे मेट्रो नेटवर्क पर कुल 40 अतिरिक्त फेरे हो जाएंगे। DMRC ने लोगों से अपील की है कि प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें और निजी वाहनों के बजाय मेट्रो व अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
GRAP-2 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के कई कड़े कदम उठाए गए हैं। इनमें निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना, पार्किंग शुल्क बढ़ाना, कोयला और जलाऊ लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी रोक, खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध तथा निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण शामिल हैं।
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GRAP-2 लागू होने के बाद क्या-क्या होंगे बदलाव?
- डीजल जनरेटर (DG Sets) पर पाबंदी- आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर, सामान्य या व्यावसायिक उपयोग के लिए डीजल जनरेटर के चलाने पर रोक रहेगी।
- कोयला और लकड़ी का उपयोग: होटलों, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों (ईटरियों) में तंदूर सहित कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
- निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क (Parking Fees) बढ़ा दिया गया है (मेट्रो पार्किंग को छोड़कर)।
- बिना वैध पीयूसी (PUC) प्रमाण-पत्र वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सड़कों और रास्तों पर रोज़ाना पानी का छिड़काव किया जाएगा और धूल को दबाने वाले रसायनों का इस्तेमाल होगा।
- निर्माण और तोड़फोड़ वाली साइटों पर निरीक्षण बढ़ाया जाएगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि धूल को नियंत्रित करने के नियमों का पालन हो रहा है
- दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सरकारी व नगर निकाय के दफ्तरों के कामकाज का समय अलग-अलग किया जा सकता है, ताकि ट्रैफिक का दबाव कम हो।
- दिल्ली-NCR स्थित केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव का फैसला केंद्र सरकार ले सकती है।