अरविंद केजरीवाल आएंगे बाहर या काटेंगे और जेल? दिल्ली HC में अंतरिम जमानत पर फैसला सुरक्षित

Kejriwal Bail: अरविंद केजरीवाल की तरफ से अंतरिम जमानत की गुहार लगाई गई। बुधवार को सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
arvind kejriwal
अरविंद केजरीवाल | Image: pti/video grab

Arvind Kejriwal: दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तथाकथित शराब घोटाला केस में सीबीआई की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस बीच कोर्ट ने केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर भी फैसला सुरक्षित रख लिया है। फिलहाल हाईकोर्ट ने नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख तय की है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि अंतरिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखते हैं। 29 जुलाई को नियमित जमानत पर सुनवाई करेंगे। अदालत ने कहा कि उन्हें ऑर्डर लिखने के लिए कम से कम 6 से 7 दिनों का समय चाहिए।

'CBI के पास केजरीवाल के खिलाफ सबूत नहीं'

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये इंसोरेंस गिरफ्तारी है। सीबीआई के पास केजरीवाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। सीबीआई को ये लगा की ED के मामले में अरविंद जेल से बाहर आ सकते हैं, इसलिए इसे इंसोरेंस गिरफ्तारी कह रहा हूं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दो आदेश ये बताते हैं कि केजरीवाल को रिहा होना चाहिए। वो रिहा होने के हकदार है। सिंघवी ने कहा कि ये एक दिखावटी गिरफ्तारी है और गैर-जरूरी गिरफ्तारी है। उन्होंने गुहार लगाई कि अगर इस मामले की सुनवाई में देरी होती है तो इसमें अंतरिम जमानत के लिए भी अर्जी दाखिल की है। इसलिए अगर सीबीआई और समय लेती है तो केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया जाए। मतलब ये कि CBI मामले में केजरीवाल ने हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत की मांग की।

सिंघवी ने कहा कि इस मामले के 5 मुख्य आरोपियों को जमानत मिल गई है, 9 को गिरफ्तार नहीं किया गया है। केजरीवाल की तरफ से पक्ष रख रहे सिंघवी ने कहा कि उन्हें 3 बार जमानत मिल चुकी है। दो बार सुप्रीम कोर्ट से और एक बार ट्रायल कोर्ट से। अगर हाईकोर्ट से भी अंतरिम जमानत मिल जाएगी तो इससे धरती नहीं हिल जाएगी। जमानत मांगने में क्या बुराई है? सिंघवी ने कहा कि गिरफ्तारी से पहले, गिरफ्तारी के सभी मुद्दों पर ट्रायल कोर्ट ने फैसला किया है। ये जमानत के आधार हैं। अगर ट्रायल कोर्ट ने पहले ही इन सभी मुद्दों पर फैसला कर लिया है तो मुझे जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट क्यों जाना चाहिए?

Advertisement

केजरीवाल ने वकील ने कहा कि विडंबना ये है कि मेरी पार्टी का नाम आम आदमी पार्टी है, सबको जमानत मिल रही है, लेकिन मुझे नहीं। हाल के दिनों में 5 बार केजरीवाल का ब्लड शुगर 50 से नीचे चला गया है। उन्होंने अपील की कि इसका ध्यान अदालत रखे और मामले का फैसला करे। फिलहाल हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

यह भी पढ़ें: असम में 40% मुस्लिम आबादी पहुंची, मेरे लिए जिंदगी-मौत का मामला- हिमंता

Advertisement
Published By:
 Amit Bajpayee
पब्लिश्ड