Delhi Hotel Fire: सिर्फ 6 कमरों की थी इजाजत, लेकिन बना लिए 20 रूम, होटल मालिक की हुई पहचान
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण अग्निकांड लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट और फ्लोरिश स्टे बीएंडबी (बेड एंड ब्रेकफास्ट) में हुई। अब इस होटल के मालिक की पहचान हुई है। होटल में सिर्फ 6 कमरे बनाने की इजाजत थी।
- भारत
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दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एक 3 स्टार होटल में हुई अग्निकांड की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए। हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो गई है। मरनेवालों में ज्यादातर विदेशी पर्यटक हैं, जो होटल में ठहरे हुए थे। बड़ा खंख्या में झुलसे लोगों का ईलाज मैक्स हॉस्पिटल में चल रहा है। मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है,क्योंकि अस्पताल में भर्ती कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दिल्ली सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अब सवाल उठ रहा है कि किस होटल का मालिक कौन है? अब तक की जांच में होटल नियमों की भारी उल्लंघन की बात सामने आ रही है।
भीषण अग्निकांड साकेत के मैक्स हॉस्पिटल के पास स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट और फ्लोरिश स्टे बीएंडबी (बेड एंड ब्रेकफास्ट) में लगी। यह तीन सितारा होटल दक्षिण दिल्ली में पर्यटकों के बीच काफी मशहूर था। होटल अपने लोकेशन की वजह से विदेशों पर्यटकों की पसंद थी। होटल से कुछ ही दूरी पर साकेत मैक्स हॉस्पिटल है। आग पहले होटल के बेसमेंट में स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी और देखते ही देखते पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया।
होटल अग्निकांड में 21 की गई जान
होटल में आग लगने के कई वीडियो सामने आए हैं, जो रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। लोग अपने जान बचाने के लिए आग की लपटों के बीच कूदते हुए नजर आए। सुबह-सुबह लोग गहरे नींद में सोए हुए थे, ऐसे में कई लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। जिसने भी यह भयावह मंजर देखे उसके रोंगटे खड़े हो गए। घटना के बाद से ही होटल मालिक के पहचान के लिए पुलिस पूछताछ कर रही थी।
कौन है होटल का मालिक?
सूत्रों के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार, होटल के मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में हुई है। होटल के संचालन में तीन पार्टनर शामिल हैं। इन पार्टनरों के दिल्ली में कई अन्य होटल और गेस्ट हाउस भी संचालित हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया जा रहा है कि इस परिसर को गोयल ब्रदर्स (हरीश और वरुण गोयल) बेड एंड ब्रेकफास्ट लाइसेंस के तहत ऑपरेट करते थे।
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जांच में चौंकाने वाला खुलासा
शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि होटल को केवल 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन वहां 22 से 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम के तहत सिर्फ छह कमरे की इजाजत मिली थी। मगर डिमांड बढ़ने के साथ कमरों की संख्या बढ़ा दिया गया। मैक्स हॉस्पिटल के पास होने के कारण इसका लगातार अच्छा बुकिंग रेट रहा है।
बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम का दुरुपयोग?
यह होटल दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम के तहत चलाया जा रहा था। साल 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की सरकार ने इस स्कीम को शुरू किया था। स्कीम का मकसद उन घरों को लाइसेंस देना था जिनमें एक्स्ट्रा एक-दो कमरे उपलब्ध थे, ताकि खेलों के दौरान दिल्ली आने वाले विदेशी पर्यटकों को ठहरने की सुविधा मिल सके।
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इस स्कीम के तहत पूरे दिल्ली में कई लोगों को लाइसेंस जारी किए गए थे। लेकिन सूत्रों का कहना है कि फ्लोरिश स्टे ने स्कीम का दुरुपयोग करते हुए अनधिकृत रूप से ज्यादा कमरे बना लिए थे।अभी तक आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। फायर विभाग और पुलिस की टीम मौके पर जांच कर रही है। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।