अपडेटेड 6 January 2026 at 12:28 IST

रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर दिल्ली में दर्ज हुई देश की पहली FIR, आज ही जान लें क्या है नया नियम

Delhi News : दिल्ली में रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर पहली FIR दर्ज हुई। 3 जनवरी को दिल्ली कैंट में आरोपी अमन पर BNS धारा 281 के तहत मामला दर्ज। तेज रफ्तार से गलत दिशा में ड्राइविंग से जान को खतरा।

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Delhi cracks down on wrong-side driving First FIR registered, a new step in the country
रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर दिल्ली में दर्ज हुई देश की पहली FIR | Image: ANI

दिल्ली में रहते हुए अगर आप रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते हैं, तो अब जरा सावधान हो जाएं। दिल्ली में रॉन्ग साइड ड्राइविंग को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। अब गंभीर मामलों में सीधे FIR दर्ज की जा रही है।

दिल्ली रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने पर FIR दर्ज की गई है। ये देश में इस तरह का पहला मामला है, जहां इस उल्लंघन पर आपराधिक कार्रवाई शुरू हुई। पहले केवल चालान काटा जाता था, लेकिन अब जान को खतरा पैदा करने वाले मामलों में कानूनी एक्शन लिया जा रहा है।

देश में पहली FIR

3 जनवरी को दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र में रॉन्ग साइड ड्राइविंग का पहला मामला दर्ज हुआ। घटना शाम करीब 4:45 बजे हनुमान मंदिर रेड लाइट के पास हुई। एक चार पहिया वाहन को तेज रफ्तार से गलत दिशा में चलाते पाया गया, जिससे सामने से आ रहे वाहनों की जान को खतरा हुआ।

आरोपी की पहचान अमन के रूप में हुई, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली के कुसुमपुर पहाड़ी क्षेत्र में रहता है। ASI सुनील कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।

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इन धाराओं में FIR

आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 लगाई गई, जो तेज या लापरवाही से ड्राइविंग कर जान को खतरा पैदा करने से संबंधित है। इस धारा के तहत सजा 6 महीने तक की कैद या 1,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। पहले यह भारतीय दंड संहिता की धारा 279 के तहत आता था।

इसके अलावा, आरोपी के पास ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन का बीमा नहीं था, इसलिए मोटर व्हीकल एक्ट की धाराएं 3/181 (बिना लाइसेंस ड्राइविंग), 146 (बिना बीमा) और 196 (बिना दस्तावेज ड्राइविंग) भी लगाई गईं। आरोप पर लगाई गई ये धाराएं जमानती हैं, इसलिए आरोपी को थाने से ही जमानत दे दी गई।

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पहले क्या होता था?

पहले रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर मुख्य रूप से चालान काटा जाता था।

  • पहली बार उल्लंघन: 5,000 रुपये जुर्माना
  • दोबारा उल्लंघन: 10,000 रुपये तक जुर्माना + लाइसेंस निलंबन

लेकिन अब नीति बदल गई है। गंभीर खतरे वाली स्थितियों में सीधे FIR दर्ज की जाएगी। खासकर सुबह-शाम पीक ऑवर में रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर विशेष सख्ती बरती जा रही है। छोटी सड़कों पर धीमी रफ्तार से दुपहिया वाहन चलाने पर आमतौर पर FIR नहीं होगी, बल्कि भारी जुर्माना लगाया जाएगा। लेकिन अगर जान को स्पष्ट खतरा हो, तो आपराधिक मामला बनेगा।

क्यों जरूरी है यह सख्ती?

दिल्ली की सड़कों पर रॉन्ग साइड ड्राइविंग दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम होता है, बल्कि सामने से आने वाले वाहनों और पैदल यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाती है। इस नए कदम से उम्मीद है कि लोग नियमों का पालन करेंगे और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 6 January 2026 at 12:28 IST