Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट में गिरफ्तार हुए आरोपी यासिर अहमद डार ने भी ली थी सुसाइड बॉम्बर बनने की शपथ, बड़ा खुलासा

NIA ने दिल्ली ब्लास्ट केस में आरोपी यासिर अहमद डार को गिरफ्तार किया है। उसने आत्मघाती हमले की शपथ ली थी और बाकी आरोपियों से भी वो संपर्क में था। जानें आरोपी ने और क्या क्या बताया।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Yasir Ahmad Dar arrest in Delhi blast case
यासिर अहमद डार ने सुसाइड बॉम्बर बनने की शपथ ली थी | Image: NIA

Yasir Ahmad Dar arrest in Delhi blast case: NIA ने दिल्ली ब्लास्ट केस में 9वें आरोपी यासिर अहमद डार को गिरफ्तार किया। उसने आत्मघाती हमले की शपथ ली थी और अन्य आरोपियों से संपर्क में था। 26 दिसंबर तक NIA कस्टडी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके के मामले में आरोपी यासिर अहमद डार को गिरफ्तार किया है। 

इस धमाके को आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ने अंजाम दिया था। NIA की जांच में सामने आया है कि यासिर इस पूरे आतंकी षड्यंत्र में सक्रिय रूप से शामिल था। एजेंसी के मुताबिक, उसने न सिर्फ इस प्लान का हिस्सा बनने की शपथ ली थी, बल्कि उसने आत्मघाती यानी ‘सेल्फ-सैक्रिफिशियल' ऑपरेशन में शामिल होने की कसमें भी खाई थीं।

सुसाइड बॉम्बर बनने की ली थी शपथ 

NIA ने बताया कि, यासिर अहमद डार साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था। उसने सुसाइड बॉम्बर बनने की शपथ ली थी। यासिर का मृत आतंकी उमर उन नबी और मुफ्ती इरफान सहित बाकी आरोपियों से लगातार संपर्क था। बतादें आतंकी यासिर अहमद डार 26 दिसंबर तक NIA की कस्टडी में है।

आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हर शख्स से पूछताछ जारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) दिल्ली ब्लास्ट मामले में पूरे आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने के लिए केंद्र और राज्यों की बाकी एजेंसियों के साथ मिलकर सभी जरूरी कार्रवाई कर रही है। NIA ने जम्मू-कश्मीर से लेकर यूपी और कई अन्य जगह छापेमारी की है, जहां से डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और आपत्तिजनक सामग्री मिली हैं, जिसे कब्जे में लेकर आगे की जांच की जा रही है, वहीं आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हर शख्स से गहनता से पूछताछ जारी है।

Advertisement

धमाके के बाद डॉक्टर और धार्मिक उपदेशकों के नाम आ रहे सामने

10 नवंबर को लाल किले के पास विस्फोटक से लदी कार में हुए धमाके में 15 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए थे। धमाके को अंजाम देने वाला डॉ. उमर उन नबी खुद भी मारा गया था। यह हमला एक बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था, जिसमें कश्मीर और फरीदाबाद से जुड़े कई डॉक्टर और अन्य लोग शामिल हैं।  मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें डॉक्टरों और धार्मिक उपदेशकों के नाम शामिल हैं। फिलहाल आरोपी यासिर अहमद डार की यह गिरफ्तारी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काफी जरूरी थी। 

यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस की साइबर ठगों पर एक्शन, 2 अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश

Advertisement
Published By:
 Sujeet Kumar
पब्लिश्ड