Atishi Posters: दिल्ली में आतिशी के खिलाफ लगे पोस्टर, राजनीतिक विवाद बढ़ा; सिख समुदाय की भावनाओं से जुड़ा है मामला
Atishi posters controversy : पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ दिल्ली में 'गुरुओं का अपमान नहीं सहेगा पंजाब' के पोस्टर लगाए गए हैं, फिरोज शाह रोड समेत कई इलाकों में इस तरह के पोस्ट लगे मिले।
- भारत
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Atishi posters controversy : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी के खिलाफ कई जगहों पर पोस्टर लगाए गए हैं। ये पोस्टर फिरोज शाह रोड के पास भी नजर आए, जहां उन पर निशाना साधा गया है।
ये पोस्ट सिख गुरु तेग बहादुर पर आतिशी की कथित टिप्पणी को लेकर हो रहे विवाद के बीच लगाए गए हैं। बीजेपी ने इस मुद्दे पर आतिशी के इस्तीफे की मांग की है और AAP मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया। पोस्टरों में आतिशी को निशाना बनाया गया है। इस मामले में सिख समुदाय की भावनाएं शामिल हैं। पिछले दिनों दिल्ली विधानसभा में बड़ा हंगामा देखने को मिला, बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के खिलाफ स्पीकर को पत्र दिया है और उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
आतिशी ने क्या बोला था ?
यह पूरा विवाद गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी साल के मौके पर विधानसभा में हुई खास चर्चा से जुड़ा है। बीजेपी का आरोप है कि आतिशी ने इस पवित्र विषय पर कुछ अच्छा नहीं कहा, बल्कि ऐसे शब्द इस्तेमाल किए जिनसे सिखों के नौवें गुरु का अपमान हुआ और धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
बीजेपी मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि आतिशी के शब्द इतने आपत्तिजनक हैं कि उन्हें दोहराना भी मुश्किल है। उन्होंने सदस्यता खत्म करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आतिशी ने दी सफाई
यह मामला अब गर्म हो गया है। विधानसभा में कई बार हंगामा हुआ, सत्र स्थगित हुए। वहीं, आतिशी ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वीडियो में छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने दावा किया कि वे प्रदूषण और बाकी मुद्दों पर बोल रही थीं, लेकिन बीजेपी ने गलत तरीके से गुरु जी का नाम जोड़ा।
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BJP ने आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग की
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी कड़ा बयान देते हुए कहा- 'गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी वर्ष पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। विधानसभा में भी इस पर विशेष चर्चा हुई। लेकिन नेता प्रतिपक्ष अतिशी ने न तो इस विषय पर एक शब्द कहा और न ही गुरु के बलिदान का सम्मान किया। उल्टा, उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वह हमारे गुरुओं का अपमान है और इससे हमारी भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं।' प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री अतिशी ने गुरुओं का अपमान किया।' उन्होंने कहा- 'आज अतिशी सदन में मौजूद नहीं हैं। हम मांग करते हैं कि वह सदन में आएं और विधानसभा अध्यक्ष तय करें कि उन्हें क्या सजा मिलनी चाहिए।'
इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भी आतिशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनके प्रवक्ता अर्शदीप क्लेर ने कहा कि आतिशी के बयान अपमानजनक और शर्मनाक हैं। उन्होंने मांग की कि आतिशी की विधानसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जाए।