पानीपत-दिल्ली रेलवे पटरी पर ट्रेन पलटने की साजिश, ट्रैक पर 18 फुट लंबा एंगल रखा; लोको पायलट ने दिखाई समझदारी

पानीपत से दिल्ली आने वाले रेलवे ट्रैक पर लोहे की एंगल रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश रची गई। हालांकि इंजन के लोको पायलट की नजर इस एंगल पर पड़ गई।

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Indian railways trains
ट्रेन पलटने की साजिश | Image: PTI/Representational

पानीपत से दिल्ली आने वाले रेलवे ट्रैक पर लोहे की एंगल रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश रची गई। हालांकि इंजन के लोको पायलट की नजर इस एंगल पर पड़ गई, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। लोको पायलट ने एंगल को रेलवे ट्रैक से हटाया और मामले की सूचना स्टेशन पर दी। इसकी सूचना राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) तक पहुंची। इसके बाद GRP टीम मौके पर पहुंची और सभी एंगल से जांच की। बता दें दिल्ली आने जाने वालों की बड़ी संख्या रोजाना इस रास्ते से दिल्ली आते जाते हैं, रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली आने वाले इस ट्रैक पर ट्रेन को उतारने की साजिश की नियत से ये एंगल इस पर रखा गया।

इस मामले में रेलवे के जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ रेलवे एक्ट 150 के तहत केस दर्ज किया गया। GRP प्रभारी SI बलवान सिंह ने बताया है कि सुबह करीब 6:42 बजे एक लिखित मीमो स्टेशन मास्टर की ओर से थाने में मिला था। इसमें लिखा था कि ब्लॉक सेक्शन पानीपत-दीवाना के बीच डीएन लाइन पर लोहे का एक टुकड़ा ट्रैक पर रखा हुआ पाया गया है। इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी। मीमो से मामला स्पष्ट न होने के चलते मौके पर GRP की टीम पहुंची। वहां जांच के दौरान पता लगा कि एक लोहे का त्रिकोणीय एंगल ट्रैक पर मिला था। उसकी लंबाई करीब 18 फुट थी। उसकी मोटाई करीब 2 इंच थी। यह एंगल डाउन मेन लाइन पर रखी थी

लोको पायलेट ने दिखाई समझदारी

पानीपत से दीवाना स्टेशन जा रहे पावर इंजन के लोको पायलट की नजर इस एंगल पर पड़ी। स्पीड ज्यादा न होने के चलते इंजन को रोका गया। इसके बाद पायलट ने उस एंगल को उठाकर साइड में रख दिया था। साथ ही स्टेशन मास्टर को सूचना दी।

ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की नियत थी- थाना प्रभारी

थाना प्रभारी बलवान के अनुसार, यह एंगल दोनों ट्रैक पर रखा गया था। इसके पीछे रेलगाड़ी को नुकसान पहुंचाने की नियत थी। इसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही मौके के सभी CCTV कैमरे खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है। 

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Published By :
Nidhi Mudgill
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