आतंकियों के मुंह पर तमाचा... दिल्ली के मंत्री बोले- जहां किया ब्लास्ट, वहीं लाखों जनता जुटी; राष्ट्रपति, गृह मंत्री समेत कई VIP
दिल्ली सरकार में गृह मंत्री आशीष सूद ने लाल किले पर आयोजित श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें बलिदान दिवस में शामिल होने वाले लोगों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि ये आतंकियों के मुंह पर तमाचा था।
- भारत
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श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें बलिदान दिवस पर दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से तीन दिवसीय भव्य समागम का आयोजन किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई VIP और हजारों सिख श्रद्धालु इस भव्य आयोजन का हिस्सा बने। यह आयोजन वहीं हुआ था, जहां कुछ दिन पहले आतंकी हमला किया गया था। अब 350वें शहीदी दिवस के सफल आयोजन पर दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने जनता का आभार जताते हुए कहा कि ये आतंकियों के मुंह पर तमाचा था।
दिल्ली सरकार में गृह मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली आतंकी विस्फोट की घटना का जिक्र करते हुए कहा, "मैं दिल्ली की जनता का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। तीन दिन का बड़ा समागम लाल किले पर गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं बलिदान दिवस के अवसर पर हुआ। आप सबके लिए ये ध्यान रखने की जरूरत है कि ये वही जगह हैं जहां पर ब्लास्ट हुआ था पिछले तीन दिनों में लाखों की तादाद में लोगों ने वहां हिस्सा लिया और देश के गृह मंत्री वहां गए और राष्ट्रपति वहां गईं।
दिल्ली की जनता ने आतंकियों को करारा जवाब दिया-आशीष सूद
आशीष सूद ने आगे कहा, मुख्यमंत्री वहां पर पूरा समय रहीं। लाखों की तादाद में पूरी दिल्ली से हर वर्ग के लोग वहां आए। ये अपने आप में दिल्ली की ताकत को दर्शाता है और दिल्ली की जनता आतंकियों के खिलाफ वहां पर एकत्रित हुई और गुरु तेग बहादुर के आदर्शों पर चलने का प्रण लेते हुए दिखाया है। मैं दिल्ली की जनता का धन्यवाद करता हूं और ये अपने आप में आतंकियों को करारा जवाब है।
लाल किले पर 350वें बलिदान दिवस पर भव्य आयोजन
बता दें कि दिल्ली सरकार द्वारा लाल किले पर श्री गुरू तेग बहादुर साहिब जी की 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित तीन दिवसीय दिव्य समागम का मंगलवार को अंतिम दिन था। इस भव्य आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं शामिल हुए थे। एक लाख से अधिक सहज पाठ संपन्न हुए और संगत ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया। सभी धर्मों के लोगों ने एकता का प्रदर्शन किया।
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आतंकी हमले के बाद पहला कार्यक्रम
दरअसल, दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर की शाम i20 कार से जोरदार धमाका हुआ। इस ब्लास्ट में 15 निर्दोष लोगों की जानें गई। वहीं बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए। कार में मौजूद आतंकी उमर ने खुद को भी कार के साथ उड़ा लिया। केंद्र सरकार ने इस घटना को आतंकी घटना माना था। इस घटना के बाद लाल किले पर 350वें शहीदी दिवस पहला आयोजन था। दिल्ली की जनता बेखौफ होकर इस समागम का हिस्सा बनीं।