दिल्ली देहात के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपए के फंड का एलान, CM रेखा बोलीं- 110 गांवों में हमने पहुंचाई IGL पाइपलाइन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली देहात के समग्र विकास के लिए उनकी सरकार ने अपने फंड में 1200 करोड़ रुपये विशेष रूप से सुरक्षित किए

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CM Rekha Gupta
रेखा गुप्ता | Image: Twitter/CM Rekha Gupta

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली देहात के समग्र विकास के लिए उनकी सरकार ने अपने फंड में 1200 करोड़ रुपये विशेष रूप से सुरक्षित किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार देहात के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में अब तक 110 गांवों को IGL पाइपलाइन से जोड़ने का कार्य भी पूरा किया गया है।

वहीं, दिल्ली में मानसून से पहले जलभराव की समस्या को लेकर सरकार ने इस बार कड़ा रुख अपनाया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 335 असिस्टेंट और जूनियर इंजीनियरों के निलंबन आदेश पहले से तैयार किए जाएं। यह कदम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद उठाया गया, जिसमें मानसून की तैयारियों की समीक्षा की गई थी। दिल्ली के पीडब्‍ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा के इस एक्‍शन से प्रशासनिक हलके में खलबली मची है।

दिल्ली देहात की तस्वीर बदलेगी- CM रेखा

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने विश्वास दिलाया कि दिल्ली देहात की तस्वीर बदलने के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम हो रहा है और जल्द ही इसके और भी सकारात्मक परिणाम दिखेंगे।

दिल्ली में मानसून की तैयारियों , कई इंजीनियरों को निकाला गया

प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली को जलभराव की समस्या से मुक्त करना केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों को पहले ही सूचित कर दिया गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुल 335 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। जहां हर साल जलभराव की गंभीर समस्या होती है। इन सभी जगहों पर संबंधित इंजीनियरों को स्थानीय प्रभारी के रूप में तैनात किया गया है। अगर उनके क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पाई जाती है तो उन्हें बिना किसी चेतावनी के निलंबित कर दिया जाएगा।

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मानसून से पहले दिल्ली तैयार 

विभाग ने इन इंजीनियरों को नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था की निगरानी, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें यह भी निर्देशित किया गया है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। विभाग का मानना है कि यदि पहले से ही उचित तैयारी कर ली जाए तो जलभराव की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।

पीडब्ल्यूडी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में राजधानी में 308 जलभराव बिंदुओं की पहचान की गई थी। इनमें से 2024 में यह संख्या घटकर 194 रह गई है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा इस वर्ष प्रस्तुत किए गए डाटा के अनुसार, दिल्ली में 445 जलभराव बिंदु चिन्हित किए गए हैं। इनमें से सात को अत्यंत गंभीर श्रेणी में रखा गया है। जिनकी निगरानी सीधे चीफ इंजीनियर करेंगे।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड