Delhi Hotel Fire: एक ही घर से उठी 8 लाशें तो कोई रोने वाला भी नहीं बचा... गुरुग्राम के CA विवेक अग्रवाल की दर्द भरी कहानी पढ़ छलक जाएंगे आंसू

विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार अपने बीमार पिता का हालचाल लेने और उनके साथ कुछ पल बिताने के लिए गुरुग्राम से दिल्ली आया था। होटल अग्निकांड में पूरा परिवार खत्म हो गया।

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Delhi Hotel Fire
दिल्ली होटल अग्निकांड में एक ही घर से उठी 8 लाशें तो कोई रोने वाला भी नहीं बचा | Image: ANI/Republic

कभी-कभी एक हादसा सिर्फ जिंदगियां नहीं, बल्कि पूरे परिवारों की कहानियां भी समेट ले जाता है। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित प्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग में ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने लाया है। इस हादसे में अब तक कुल 21 लोगों की जान चली गई, जिनमें गुरुग्राम के चार्टर्ड एकाउंटेंट विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार शामिल है। मरने वालों के नामों की लिस्ट भी सामने आ गई है।

विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार अपने बीमार पिता का हालचाल लेने और उनके साथ कुछ पल बिताने के लिए गुरुग्राम से दिल्ली आया था, लेकिन ब्रेकफास्ट के दौरान लगी आग ने सब कुछ छीन लिया। पिता का इलाज साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में चल रहा था। प्लोरिश स्टे होटल अस्पताल के बगल में होने की वजह परिवार ने यहां रूकने का फैसला लिया था।

विवेक अग्रवाल के साथ किस-किस की गई जान

विवेक अग्रवाल अपनी मां, पत्नी, दो बेटियों और तीन रिश्तेदारों के साथ दिल्ली आए थे। उनके पिता राधे श्याम अग्रवाल दिल्ली के मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। परिवार के साथ राजस्थान से आए मौसा-मौसी और मामा भी इस हादसे का शिकार हो गए। इस हादसे में परिवार के 8 सदस्य काल के गाल में समा गए। विवेक की बड़ी बेटी बेंगलुरू से स्पेशल फ्लाइट लेकर दादा से मिलने आई थी। मगर उसे क्या पता था कि अगले ही कुछ घंटों में पूरे परिवार की कहानी ही खत्म हो जाएगी।

परिवार ने सुबह साथ में किया था ब्रेकफॉस्ट

बुधवार सुबह पूरा परिवार साथ ब्रेकफास्ट कर रहा था, जिसके बाद पिता से मिलने अस्पताल जाने की तैयारी थी। मगर इतने ही देर में जो हुआ वो पूरे परिवार की कहानियों को अपने साथ समेट ले गया। ब्रेकफास्ट करते समय होटल में आग लग गई और पूरा परिवार चपेट में आ गया। किसी को संभलने तक मौका नहीं मिला, क्योंकि होटल का रेस्टोरेंट बेसमेंट में था। आग की शुरुआत यहीं से हुई थी।

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 एक ही घर से उठी 8 लाशें तो कोई रोने वाला भी नहीं बचा

विवेक अग्रवाल एक प्राइवेट कंपनी में चार्टर्ड एकाउंटेंट थे, जबकि उनकी पत्नी एक NGO चलाती थीं। मैक्स अस्पताल के वेटिंलेटर पर जिंदगी मौत की जंग लड़ रहे बुजुर्ग पिता को जिस सहारे की उम्मीद थी वो सहारा ही खत्म हो गया। बेटे, बहू, पत्नी, पोतियों और रिश्तेदारों समेत पूरा परिवार होटल अग्निकांड के शिकार हो गए। शवों को लेने वाला बस रिश्तेदार बचे। गुड़गांव में आज सभी 8 सदस्यों का अंतिम संस्कार किया गया।

हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो गई है। मरने वाले लोगों में 9 भारतीय और 12 विदेशी नागरिक शामिल थे। 9 भारतीय में 8 विवेक अग्रवाल के ही परिवार के सदस्य थे।

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अग्रवाल परिवार के मरने वालों सदस्यों के नाम

तरजानी अग्रवाल
वर्या अग्रवाल 
झावेरी अग्रवाल
विवेक अग्रवाल
अशोक अग्रवाल
कमला अग्रवाल
प्रेम लता अग्रवाल
जिविशा अग्रवाल

दर्दनाक हादसा में उजड़ गया पूरा परिवार

इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि अस्पतालों के आसपास ठहरने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस घटना की जांच में जुटा हुआ है। होटल के मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड