अपडेटेड 17 September 2025 at 14:47 IST
Delhi BMW Accident: 'नवजोत को जानबूझकर 20KM दूर अस्पताल ले गए...', गगनप्रीत को नहीं मिली जमानत, सुनवाई में क्या-क्या हुआ?
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में BMW हादसे में आरोपी गगनप्रीत की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने कई चौकाने वाले खुलासे किए। कोर्ट ने सुनवाई के बाद गगनप्रीत को 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा दिया।
- भारत
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दिल्ली के धौलाकुआं इलाके में हुए BMW हादसे के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में आज, 17 सितंबर को आरोपी गगनप्रीत की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी गगनप्रीत कौर के वकील निखिल कोहली ने अपने मुवक्किल के लिए जमानत की मांग की और दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। वहीं, दिल्ली पुलिस ने एक के बाद एक कई सबूत गगनप्रीत के खिलाफ अदालत में पेश किया। सुनवाई को दौरान कोर्ट ने इस केस के सिलसिले में कई बड़े खुलासे किए।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में BMW हादसे पर कई बड़े खुलासे हुए। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को घटना की जानकारी देते हुए कहा कि गगनप्रीत ने जानबूझकर घायल को दूर के अस्पताल में ले जाने की कोशिश की। इन्हें अच्छे से पता था कि सड़क हादसे में हर मिनट कितना अहम होता है। यह साधारण सड़क हादसा नहीं है, पास के अस्पताल ले जाने की सलाह के बावजूद गगनप्रीत ने जोखिम उठाया।
गगनप्रीत ने नवजोत को जानबूझकर दूर के अस्पताल ले गई-वकील
वहीं, पीड़ित पक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि गगनप्रीत के रिश्तेदारों के अस्पताल में गंभीर रूप से घायल को केवल स्ट्रेचर पर छोड़ दिया गया, जबकि खुद को ICU में भर्ती करा लिया। गगनप्रीत इतनी घायल नहीं थी जितना बताया जा रहा है। जिस टैक्सी से ले जाया गया उसके ड्राइवर का बयान है, जिसमे कहा गया है कि जब बार- बार कहा जा रहा था कि नजदीक के हॉस्पिटल ले चलो लेकिन गगनप्रीत ने उनकी नहीं सुना।
CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया कि नियम है कि घायल को नजदीक के हॉस्पिटल ले जाया जाए। मगर, उन्हें जानबूझकर दूर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, आरोपी गगनप्रीत के वकील ने कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की है। इस अर्जी में CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने और उसका रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की है। कोर्ट ने इस अर्जी पर नोटिस जारी कर दिया है और संबंधित पक्ष से जवाब मांगा है।
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गगनप्रीत की न्यायिक हिरासत 27 सितंबर तक बढ़ी
गगनप्रीत के वकील ने तर्क दिया कि जब गगनप्रीत को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, तब पुलिस से यह पूछा जाना चाहिए था कि IPC की धारा 304(A) (गैर-इरादतन हत्या) के बजाय क्यों धारा 304 (BNS 105, हत्या के समान अपराध) लगाई गई, जिसकी सजा उम्रकैद तक हो सकती है। बता दें कि दो दिन की जुडिशियल कस्टडी पूरी होने के बाद आज गगनप्रीत को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई अब शनिवार को होगी। पटियाला हाउस कोर्ट ने BMW हादसे की आरोपी गगनप्रीत को 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा दिया।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 17 September 2025 at 14:43 IST